उज्जैन में मंदिर हटाने की कार्रवाई के बीच मूर्ति के पास जुटी वानर सेना.
Ujjain Hanuman Temple Controversy:मनोज भटनागर/उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में डेढ़ सौ साल पुराने ऐतिहासिक ‘खड़े हनुमान जी’ मंदिर को विस्थापित करने के प्रशासनिक फैसले के बीच एक अद्भूत नजारा देखने को मिला है. मंदिर के आसपास अचानक जुटी वानर सेना ने अध्यात्म और आस्था का माहौल बना दिया है.
उज्जैन के 150 साल पुराने मंदिर को हटाने के प्रशासनिक प्रयास के बीच बड़ी संख्या में वानरों के जुटने से कौतूहल बना हुआ है. ‘खड़े हनुमान जी’ की मूर्ति को गहराई के कारण हटाने में मुश्किल आ रही है और विशेषज्ञों की टीम की प्रतीक्षा की जा रही है. इस बीच, श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है और लोग इसे भगवान का चमत्कार मान रहे हैं.
मंदिर परिसर में वानर सेना का कड़ा पहरा, गूंजे ‘जय श्रीराम’ के जयकारे
उज्जैन में मंदिर के आसपास जुटी वानर सेना ने हर किसी को त्रेतायुग के उस पौराणिक प्रसंग की याद दिला दी है, जब प्रभु श्रीराम की सहायता के लिए वानर दल उमड़ पड़ा था. जब नगर निगम अमले ने मंदिर तोड़ने की कार्रवाई की थी, तब भी हनुमान जी की यह वानर सेना अचानक वहां आ धमकी थी. एक बार फिर बिल्कुल वैसा ही नजारा देखने को मिला, जब वानरों का विशाल झुंड उस स्थान पर आ डटा जहां खड़े हनुमान जी की मूर्ति विराजमान है. इतनी बड़ी संख्या में वानरों को पहरा देते देख श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पूरा क्षेत्र ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा.
देश-विदेश तक फैले खड़े हनुमान जी के चमत्कार, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
खड़े हनुमान जी के चमत्कारों के किस्से अब केवल उज्जैन तक सीमित नहीं रहे, बल्कि सोशल मीडिया और प्रमुख समाचार चैनलों के जरिए देश-विदेश में फैल चुके हैं. दूर-दराज से आ रहे भक्त अपनी-अपनी आपबीती बयां कर रहे हैं. कोई कोरोना काल में गंभीर रूप से बीमार परिजनों के स्वस्थ होने की बात कह रहा है, तो कोई नवजात बच्चे को लाइलाज बीमारी से मुक्ति मिलने का चमत्कार बता रहा है.
13 दिनों से अधर में लटकी कार्रवाई, विशेषज्ञों की टीम का इंतजार
दूसरी ओर, 150 साल से अधिक पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर को हटाने की कार्रवाई के बाद से माहौल गरमाया हुआ है. नगर निगम द्वारा मंदिर का ढांचा तोड़े जाने के बाद मूर्ति को हटाने के लिए अधिकारियों ने जमीन की खुदाई की थी. मूर्ति की अत्यधिक गहराई को देखते हुए बाहरी विशेषज्ञों की टीम बुलाने का फैसला लिया गया था. हालांकि, इस प्रक्रिया को 13 दिन बीत चुके हैं, लेकिन विशेषज्ञों की टीम अब तक उज्जैन नहीं पहुंची है और भक्त अपने आराध्य की रक्षा के लिए डटे हुए हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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