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उमर अब्दुल्ला का केंद्र को दो-टूक, ‘पंजाब ने हमें रुलाया, अब पानी नहीं देंगे’

पहलगाम के बैसरन में आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि पर केंद्र सरकार के रुख पर सीएम उमर अब्दुल्ला ने कड़ा ऐतराज जताया. चेनाब से प्रस्तावित नहर योजना का विरोध करते हुए कहा– “पहले हम अपना पानी इस्तेमाल करेंगे, फिर देखेंगे.”

उमर अब्दुल्ला ( फाइल फोटो)

उमर अब्दुल्ला ( फाइल फोटो)

Jammu Kashmir News: पहलगाम के बैसरन में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाक रिश्ते खराब हुई तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधु जल संधि के कार को तोड़ दिया इसके बाद अब एक ऐसा प्रस्ताव आया है जिसमें चेनाब नदी नदी से एक बड़ी नहर निकाली जाएगी और उसका पानी देश के बाकी हिस्सों में भी जाएगा इस मुद्दे पर बोलते सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कई सालों तक पंजाब ने हमें रुलाया. अब जब हमारे पास थोड़ा अतिरिक्त पानी है तो हम क्यों दें.

चेनाब नदी से प्रस्तावित नहर पर सख्त रुख

113 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित नहर पर उन्होंने कहा कि अभी के लिए यह पानी सिर्फ हमारे लिए है. पहले हम इसका उपयोग करेंगे, फिर देखेंगे जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट शब्दों में उस योजना का विरोध किया है जिसमें केंद्र सरकार कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर से एक नहर के ज़रिए सिंधु प्रणाली की तीन पश्चिमी नदियों के अतिरिक्त पानी को पंजाब, हरियाणा और राजस्थान भेजने की तैयारी कर रही है.

पत्रकारों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि मैं पंजाब के लिए पानी क्यों भेजूं? उन्होंने कहा कि मैं इसकी कभी इजाजत नहीं दूंगा. पहले हम अपना पानी खुद इस्तेमाल करेंगे. जम्मू में सूखे जैसी स्थिति है, सिंधु जल संधि के तहत पंजाब के पास पहले से ही पानी है, क्या उन्होंने हमें तब पानी दिया जब हमें इसकी जरूरत थी…

राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग

वही उमर अब्दुल्ला ने अहमदाबाद में हुए विमान हादसे को लेकर भी कहां कि इसके कारणों का जल्द पता लगना चाहिए और ऐसा दोबारा ना हो यही हम चाहते हैं….. वही मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो लोगों से वायदे किए हैं की जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा वापिस मिलेगा..

इसराइल और ईरान युद्ध पर बोलते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अमेरिका खुफिया एजेंसी के चीफ ने दो महीने पहले कहा था कि ईरान किसी भी प्रकार का न्यूक्लियर हथियार नहीं बना रहा है इसके बावजूद इसराइल ने ईरान पर हमला किया और जितना जल्द हो सके यह युद्ध समाप्त होना चाहिए हालांकि युद्ध ईरान और इजरायल के बीच में है लेकिन हमारे लोग वहां पर फंसे हुए हैं 13 सौ से 14 सौ बच्चे वहां पर है एक एक करके उनको निकाला जा रहा है 6 हज़ार से ज्यादा पूरे देश से और 1600 जम्मू कश्मीर से बच्चे वहां पर फंसे हुए हैं अब उनको निकालने का काम किया जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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