Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

UP News: यूपी के छात्रों के लिए अच्छी खबर, कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चे अब नहीं होंगे फेल

Sarva Shiksha Abhiyan: शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के बाद से ही कक्षा एक से 8 तक के बच्चों को फेल न करने का नियम लागू कर दिया गया था. इसी के तहत बच्चों को अगली कक्षा में प्रवेश के निर्देश दिए गए हैं.

UP News

प्रतीकात्मक तस्वीर

Edited by Nitish Pandey

UP News: उत्तर प्रदेश के छात्रों के लिए अच्छी खबर है. कक्षा 1 से लेकर 8 तक के बच्चें अब फेल नहीं होंगे. बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने परिषदीय विघालय और मान्यता प्राप्त विघालयों को निर्देश दिए हैं. अच्छे नम्बरों से पास हुए बच्चों को 31 मार्च को रिपोर्ट कार्ड वितरित किया जाएगा. इसके बाद एक अप्रैल के नया सत्र शुरू होगा.

इस सम्बंध में बेसिक शिक्षा परिषद सचिव प्रताप सिंह बघेल ने पूरे प्रदेश के जिला बेसिक शिक्षाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि हर जिले में 3 अप्रैल के स्कूल चलो अभियान चलाया जाए और शत-प्रतिशत नामांकन दर्ज कराया जाए. साथ ही इस बात का ध्यान रखा जाए कि बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा उपलब्ध हो और पौष्टिक आहार उनको उपलब्ध कराया जाए.

इसके साथ ही प्रताप सिंह बघेल ने निर्देश दिया है कि परिषद में सभी विद्यार्थियों को अगली क्लास में प्रोन्नत करने और मूल्यांकन वार रिपोर्ट कार्ड समय पर वितरित कर दिया जाए. इसकी जिम्मेदारी खंड शिक्षाधिकारियों को सौंपी गई है. उन्होंने कहा कि गत वर्ष दिए हुए निर्देश के अनुसार ही परिणाम तय करना होगा. साथ ही उन्होंने ये भी निर्देश दिए कि अगर कोई बच्चा पढ़ने में कमजोर है तो उसको अलग से पढ़ाया जाए और शिक्षक विशेष रूप से उस बच्चे पर ध्यान दे.

ये भी पढ़ें- UP News: एक अप्रैल से महंगा होगा आगरा, लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सफर करना, टोल टैक्स की नई दरें मंजूर

बता दें कि नया सत्र शुरू होने के साथ ही प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षाधिकारियों को सर्व शिक्षा अभियान के तहत (Sarv Shiksha Abhiyaan) अप्रैल माह की कार्ययोजना भी सौंप दी गई है और घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल तक लाने के निर्देश दिए गए हैं.

गौरतलब है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (Right To Education Act)-2009 लागू होने के बाद से कक्षा एक से 8 तक के किसी भी बच्चे को फेल करने के नियम को खत्म कर दिया गया है. यह नियम न केवल सरकारी बल्कि सभी बोर्ड के स्कूलों पर भी लागू होता है. इसके तहत किसी भी कक्षा एक से 8 तक के किसी भी बच्चे को फेल नहीं किया जाएगा. अगर बच्चा किसी विषय में कमजोर है या फिर उसके नम्बर कम आ रहे हैं तो उसे उस विषय की तैयारी करा कर परीक्षा में बिठाया जाता है. ताकि वह भी उत्तीर्ण हो सके.

अप्रैल माह में की इस तरह है कार्ययोजना

-3 अप्रैल को सभी विद्यालयों में स्कूल चलो अभियान का शुभारम्भ किया जाएगा.
-5 अप्रैल को सुबह 8 बजे से 10 बजे तक विद्यालय के सेवित क्षेत्र में स्कूल चलो अभियान रैली का आयोजन किया जाएगा.
-6 अप्रैल को प्रत्येक विद्यालय में प्रबंध समिति की बैठक होगी और शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य तय किया जाएगा.
-8 अप्रैल को आउट ऑफ स्कूल बच्चों के अभिभावकों से घर-घर जाकर सम्पर्क करना और उनको विद्यालय में प्रवेश दिलाने का अभियान चलाया जाएगा.

-10 अप्रैल को प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर स्कूल चलो अभियान रैली निकाली जाएगी.

-11 अप्रैल को प्रत्येक स्कूल में स्कूल चलो अभियान की रैली निकलेगी और आउट ऑफ स्कूल बच्चों के अभिभावकों से घर-घर जाकर शिक्षक सम्पर्क करेंगे.

-12 अप्रैल को स्कूल चलो अभियान को लेकर ब्लॉक स्तर पर गोष्ठी का आयोजन होगा.

-13 अप्रैल को प्रत्येक विद्यालय के शिक्षकों द्वारा अभिभावकों से सीधा सम्पर्क किया जाएगा.

-15 अप्रैल को प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक होगी.

-17 अप्रैल को अभिभावकों के साथ शिक्षकों की बैठक आहूत की जाएगी.

-18 अप्रैल को स्कूल चलो अभियान को लेकर प्रत्येक स्कूल में नाटक, गोष्ठि का आयोजन किया जाएगा.

-19 अप्रैल को प्रत्येक स्कूल में स्कूल चलो अभियान चलाया जाएगा.

-20 अप्रैल को जनजागरुकता रैली निकाली जाएगी और घर-घर जाकर शिक्षक अभिभावकों से सम्पर्क करेंगे और शिक्षा का महत्व बताते हुए बच्चों को स्कूल भेजेने की अपील करेंगे. हाउस होल्ड सर्वे किया जाएगा.

-21 अप्रैल को सभी विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक का आयोजन होगा.

-22 अप्रैल को स्कूल चलो अभियान के तहत सभी जिला समन्वयक, एसआरजी एवं एआरजी के नेतृत्व में यू-ट्यूब सेशन जिसमें बालिकाओं के शत-प्रतिशत नामांकन पर विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं.

-24 और 25 अप्रैल को प्रत्येक स्कूल में स्कूल चलो अभियान के तहत रंगोली, स्लोगन, चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन होगा.

-26 अप्रैल को शिक्षक घर-घर जाएंगे और नवप्रवेश के लिए अभिभावकों से सम्पर्क करेंगे.

-27 अप्रैल को प्रत्येक विद्यालय में अभिभावकों के साथ शिक्षकों की बैठक होगी.

-28 अप्रैल को जागरुकता अभियान चलाया जाएगा ताकि गांव-गांव में शिक्षा का महत्व बताया जा सके.

-29 अप्रैल को विद्यालय स्तर पर नामांकित बच्चों की सूची विकास खंडों में प्रेषित की जाएगी. इसकी समीक्षा होगी. विकास खंड से नामांकित बच्चों की सूची जनपद स्तर पर प्रेषित करना होगा,

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital