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एक ही कमरे में बाप-बेटी का कत्ल… पुलिस को किसी अपने पर शक, हत्या कर आरोपी ने मिटाए सबूत

Amroha Double Murder: घर में लगे सीसीटीवी कैमरे पुलिस को बंद मिले हैं और हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है. फिलहाल पुलिस को संदेह है कि घर में ही डबल मर्डर का राज छुपा हो सकता है.

पिता-पुत्री की फाइल फोटो- सोशल मीडिया

 Amroha Double Murder: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां डबल मर्डर के बाद पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है. मोहल्ला कटरा गुलाम अली में रहने वाले सर्राफ योगेश चंद्र अग्रवाल (67) और उनकी बेटी सृष्टि (27) की घर में ही किसी धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई. दोनों के कत्ल की खबर शनिवार सुबह जंगल में आग की तरह पूरे शहर में फैल गई थी. बाप और बेटी के शव कमरे में फर्श पर लहूलुहान हालत में पड़े मिले थे और दोनों के चेहरे पर कपड़ा पड़ा हुआ था. इस पूरी वारदात को लेकर पुलिस छानबीन में जुटी है. घर में लगे सीसीटीवी कैमरे पुलिस को बंद मिले हैं और हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है. फिलहाल पुलिस को संदेह है कि घर में ही डबल मर्डर का राज छुपा हो सकता है. इसी के साथ ही इस पूरी घटना को लेकर पुलिस एक-एक कड़ी जोड़कर आगे बढ़ रही है.

योगेश चंद्र अग्रवाल एक सर्राफा व्यापारी थे. उनकी बाजार गुजरी में इशांक ज्वेलर्स के नाम से दुकान है. आस-पास के लोगों ने उनके घर के बारे में जानकारी दी और बताया कि, उनकी पत्नी छाया की दो साल पहले हार्टअटैक से मौत हो चुकी है और वह बेटी सृष्टि के साथ रहते थे. उनका बेटा इशांक अग्रवाल दिल्ली में गत्ता फैक्टरी संचालित करता है. इशांक की पत्नी मानसी अग्रवाल अपने 10 साल के बेटे आयुष के साथ घर के दूसरे हिस्से में रहती हैं और दोनों हिस्सों में आने-जाने के रास्ते अलग-अलग बने हुए हैं,

शुक्रवार रात घर पर ही था बेटा इंशाक

जबकि घर के भीतरी हिस्से में दोनों को जोड़ने के लिए एक दरवाजा भी है. पुलिस को छानबीन में पता चला है कि गुरुवार को इशांक दिल्ली से घर आया था और शुक्रवार रात वह अपनी पत्नी व बेटे के साथ मकान के अपने हिस्से में था. योगेश चंद्र अग्रवाल और बेटी सृष्टि के साथ अपने हिस्से में थे. सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि योगेश चंद्र अग्रवाल और उनके बेटी सृष्टि उर्फ रितु की हत्या के मामले में बेटे इशांक अग्रवाल की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है.

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गोद ली थी बेटी

पुलिस को पूछताछ के दौरान जानकारी मिली है कि सृष्टि योगेश चंद्र अग्रवाल के हसनपुर निवासी साले की बेटी थी और उन्होंने साले से बेटी गोद ली थी. दरअसल साले के पहले से एक बेटा-बेटी थे और एक बेटी फिर हो गई थी. इस पर योगेश चंद्र अग्रवाल की पत्नी ने अपनी भाई के घर दूसरी बेटी का जन्म होते ही उसे गोद ले लिया था. तो वहीं योगेश के पहले से बेटा इशांक था और बेटी गोद लेने के कारण उनका भी परिवार पूरा हो गया था.

दोस्तों से मिली पुलिस को सूचना

सर्राफ व्यापारी और उनकी बेटी की हत्या के बारे में पुलिस को जानकारी शनिवार की सुबह करीब 6 बजे उस वक्त हुई, जब योगेश चंद्र अग्रवाल के हम उम्र दोस्त राजनिकेतन, सतीश अरोड़ा, अतुल गुप्ता और विनीत चावला रोज की तरह टेबल टेनिस खेलने उनके घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया. काफी देर तक दरवाजा खटखटाने पर किसी ने दरवाजा नहीं खोला. इस पर साथियों ने योगेश चंद्र अग्रवाल का फोन मिलाया लेकिन फोन भी नहीं उठा. इस पर दरवाजे को धक्का दिया तो खुल गया. भीतर दाखिल होते ही कमरे की खिड़की में झांका तो फर्श पर पिता-पुत्री के शव देखकर हड़कम्प मच गया. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. तो वहीं मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने बेटे की तहरीर पर अज्ञात पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर आगे की छानबीन शुरू कर दी है.

किसी को नहीं लगी भनक

इस पूरे मामले में पुलिस एक-एक कड़ी जोड़ते हुए आगे बढ़ रही है. घर से सीसीटीवी कैमरे बंद मिले हैं तो वहीं शहर की पॉश कॉलोनी की तंग गली में स्थित घर में सराफ और उनकी बेटी की गला रेतकर हत्या कर दी गई, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी और न ही कमरे से कोई चीख निकली. पुलिस के मुताबिक सर्राफ का घर मुख्य मार्ग से करीब 20-20 मीटर की छोटी गली में स्थित है. आसपास कई मकान हैं. यही नहीं उनके बेटे और पत्नी भी मकान के दूसरे हिस्से में रहते हैं. तो वहीं मकान की भौगोलिक स्थिति को देखते यह सवाल उठ रहे हैं कि हत्यारे कितनी आसानी से दो लोगों की हत्या करके निकल गए.

फर्श पर नहीं था खून

पुलिस छानबीन के लिए जब मौके पर पहुंची तो दोनों के शव लहूलुहान हालत में पड़े थे. सृष्टि उर्फ रितु के पैरों की तरफ सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल का सिर था, जबकि पिता योगेश के पैरों की तरफ सृष्टि का सर था. तो वहीं दोनों के कपड़े खून में सने हुए थे, लेकिन बड़ी बात ये थी कि फर्श पर खून नहीं था. खबर सामने आ रही है कि, जिस समय पुलिस ने दोनों शवों को उठाया तो फर्श पर मामूली रूप से खून लगा हुआ था. ऐसे में लोग सोचने के लिए मजबूर हैं कि, दोनों की हत्या के दौरान आसपास के लोगों को चीख-पुकार तक नहीं सुनाई दी. जबकि, जिस निर्ममता से उनकी हत्या हुई, उससे साफ है कि उनके द्वारा चिल्लाया गया होगा.

पुलिस को मिले अहम सबूत

वहीं इस पूरी घटना के तह तक पहुंचने की कोशिश में लगी पुलिस को कई अहम सबूत मिले हैं. शक किया जा रहा है कि कहीं दोहरे हत्याकांड का राज घर में तो नहीं छिपा है. पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है. पुलिस को मिले सबूत से पता चल रहा है कि किसी अपने का ही इसमें हाथ है. पुलिस का मानना है कि फर्श पर मामूली रूप से खून लगा हुआ था. अगर बाहर का कोई हत्यारोपी होता तो शायद फर्श को साफ नहीं करता. क्योंकि बाहरी वारदात को अंजाम देकर भाग जाता. तो वहीं पुलिस को पोछा भी मिल गया है जिससे खून को साफ किया गया है. यही नहीं हत्या के दौरान आरोपियों के द्वारा इस्तेमाल किए गईं दो से तीन चीजें और भी मिली हैं.

लूट की आशंका से पुलिस ने किया इंकार

साथियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि, योगेश चंद्र अग्रवाल सोने की अंगूठी के अलावा सोने का कड़ा और चेन भी पहनते थे. तो वहीं शव को कब्जे में लेने के दौरान पुलिस को ये चीजें गायब मिलीं हैं तो वहीं सृष्टि की हाथ की अंगूठी व अन्य गहने मौजूद थे. मौके पर पुलिस को कमरे की अलमारियों का सामान भी बिखरा हुआ मिला है. हालांकि पुलिस छानबीन करते हुए लूट की आशंका से मना कर रही है और माना जा रहा है कि हत्यारे ने हत्या के पीछे लूट दिखाने के लिए ऐसा किया होगा.



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