UP Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सियासत में बड़ा धमाका हो गया है. चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की 1 सीट समेत राज्यसभा की कुल 11 सीटों के लिए चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है. इन सीटों के लिए आगामी 16 अक्टूबर को मतदान (वोटिंग) कराया जाएगा.
यूपी की जिन 10 सीटों पर कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है, उनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से लेकर पूर्व डीजीपी बृजलाल, रामगोपाल यादव और रामजी गौतम जैसे दिग्गज शामिल हैं. इस चुनाव का सबसे बड़ा रणनीतिक असर यह होगा कि एक दौर में उत्तर प्रदेश पर एकछत्र राज करने वाली बहुजन समाज पार्टी (BSP) का राज्यसभा से नामो-निशान पूरी तरह मिट जाएगा.
किन-किन दिग्गजों की सीट हो रही है खाली?(UP Rajya Sabha Election 2026)
उत्तर प्रदेश कोटे की जिन 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें वर्तमान में 8 सीटें भारतीय जनता पार्टी (BJP), 1 सीट समाजवादी पार्टी (SP) और 1 सीट बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पास है.
बीजेपी सदस्य: पूर्व डीजीपी बृजलाल, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, गीता शाक्य, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह और बी. एल. वर्मा का कार्यकाल खत्म हो रहा है. इसके अलावा, डॉ. दिनेश शर्मा के अंडमान और निकोबार के एलजी (उपराज्यपाल) बनने के बाद खाली हुई सीट पर भी उपचुनाव/चुनाव होगा.
विपक्ष: सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव और बसपा के एकमात्र राज्यसभा सांसद रामजी गौतम का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है.
राज्यसभा में ‘शून्य’ हो जाएगी मायावती की पार्टी?
यूपी विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं, लेकिन 6 विधायकों के निधन के कारण वर्तमान में 397 सदस्य ही वोट डालेंगे. राज्यसभा की 1 सीट जीतने का फॉर्मूला [कुल विधायक ÷ (रिक्त सीटें + 1)] + 1 होता है, यानी एक सीट जीतने के लिए 37 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत होगी.
बसपा का सूपड़ा साफ: बसपा के पास विधानसभा में शून्य सीटें (या नगण्य ताकत) हैं. रामजी गौतम का कार्यकाल खत्म होते ही संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में बसपा की नुमाइंदगी पूरी तरह ‘शून्य’ हो जाएगी.
सपा का गणित: 101 विधायकों के बल पर सपा 2 सीटें आसानी से जीत जाएगी और उसके पास 7 अतिरिक्त वोट बचेंगे. अगर कांग्रेस के 2 विधायकों का साथ मिला, तो सपा के पास 9 सरप्लस वोट होंगे.
क्या कहता है जीत का आंकड़ा?
सत्तारूढ़ बीजेपी के पास अपने 256 विधायक हैं और सहयोगी दलों को मिलाकर यह संख्या 289 (239+सहयोगी) पहुंचती है. इसके अलावा, राजा भैया की जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के 2 विधायक और 3 निर्दलीय/असंबद्ध सदस्य भी बीजेपी के पाले में खड़े हैं, जिससे एनडीए का आंकड़ा 294 पहुंच जाता है.
हालांकि सुभासपा के 2 विधायकों का झुकाव सपा की तरफ माना जा रहा है. फिर भी 292 की मजबूत घेराबंदी के साथ बीजेपी और उसके सहयोगियों की 7 सीटें जीतना पूरी तरह तय है. इसके अलावा, बीजेपी के पास करीब 33 अतिरिक्त/सरप्लस वोट बचेंगे, जिससे दूसरी वरीयता के वोटों के आधार पर 10वीं सीट पर भी एनडीए का ही पलड़ा भारी दिख रहा है.
विधान परिषद का भी बजेगा बिगुल
राज्यसभा चुनाव (UP Rajya Sabha Election 2026) के ठीक बाद यूपी विधान परिषद (MLC) की 16 सीटों पर भी चुनावी अखाड़ा सजने वाला है. 6 दिसंबर को विधान परिषद में स्नातक कोटे की 5 सीटें (वाराणसी, इलाहाबाद-झांसी, लखनऊ, आगरा और मेरठ) और शिक्षक कोटे की 11 सीटें (गोरखपुर-फैजाबाद, आगरा, बरेली-मुरादाबाद, लखनऊ, मेरठ, वाराणसी आदि) खाली हो रही हैं. इन सीटों पर राजनीतिक दलों के बजाय सीधे स्नातकों और शिक्षकों द्वारा मतदान किया जाता है, जो सीधे तौर पर राज्य के पढ़े-लिखे तबके का रुझान तय करती हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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