भारत इन दिनों वैश्विक कूटनीति का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है, जहां अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपनी बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय यात्रा(Marco Rubio’s Visit to India) पर हैं. लेकिन इस हाई-प्रोफाइल दौरे के बीच कूटनीतिक गलियारों से एक ऐसी अतरंगी और तीखी खबर सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया का तापमान सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है.
अमेरिकी विदेश मंत्री भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का दीदार कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान ने इसे अमेरिका को इतिहास और तहज़ीब सिखाने का जरिया बना लिया है. भारत की धरती पर चल रहे इस कूटनीतिक दौरे के बीच ट्विटर (X) पर अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐसा ‘महासंग्राम’ छिड़ गया है, जिसे देखकर पूरी दुनिया के सोशल मीडिया यूजर्स मजे ले रहे हैं.
भारत की सरजमीं पर ईरान के तीखे बाण(US-Iran Twitter War)
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो जब भारत की प्राचीन विरासतों, वास्तुकला और ऐतिहासिक स्मारकों का दौरा कर तस्वीरें साझा कर रहे हैं, तो ईरान के राजनयिक हैंडल उन पर घात लगाकर बैठे हैं. ईरानी दूतावास और वहां के सोशल मीडिया हैंडल्स ने रुबियो के हर कदम पर अमेरिका की दुखती रग पर हाथ रखना शुरू कर दिया है.
If Rubio knew the history or architecture, he wouldn’t have posed for a picture here. This monument was built out for the love of emperor’s Iranian wife, crafted by the genius of Iranian architects — meanwhile his government today threatens to wipe out Iranian civilization,… pic.twitter.com/zi4CNU3u7U
— Iran In Hyderabad (@IraninHyderabad) May 25, 2026
ईरान ने तंज कसते हुए कहा है कि जो अमेरिका हर वक्त प्रतिबंधों और धमकियों की भाषा बोलता है, उसके शीर्ष कूटनीतिज्ञों को पुरानी और समृद्ध सभ्यताओं के सामने आकर खुद को इतिहास के पन्नों में झांकने पर मजबूर होना पड़ रहा है.
मुंबई से हैदराबाद तक ईरानी दूतावासों का हमला
इस डिजिटल कूटनीतिक जंग (US-Iran Twitter War) में ईरान के अलग-अलग वाणिज्य दूतावासों ने मोर्चा संभाल रखा है. जब 23 मई को मार्को रुबियो ने भारत में कदम रखा, तभी ‘Iran in Mumbai’ ने अमेरिका की कूटनीति पर सीधा प्रहार करते हुए लिखा था कि थोड़ा सीख लो यार… ‘सभ्यता का क्रैश कोर्स’ फ्री में मिल जाएगा!
Thoda seekh lo yaar… “sabhyata ka crash course” free mein mil jayega!#India #Trump #Rubio https://t.co/y6QnOO2IoZ
— Iran in Mumbai (@IRANinMumbai) May 23, 2026
इसके बाद जैसे ही अमेरिकी शिष्टमंडल भारत की ऐतिहासिक धरोहरों के बीच पहुंचा, तो ‘Iran in Hyderabad’ ने भी तंज कस दिया कि अगर अमेरिका को इतिहास और वास्तुकला की थोड़ी भी समझ होती, तो वे इन प्राचीन सभ्यताओं के हुनर के सामने खड़े होने से पहले अपनी नीतियों पर शर्मिंदा होते.
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क्यों भिड़ गए दोनों देश?
इस कूटनीतिक महासंग्राम के पीछे गहरा भू-राजनीतिक तनाव (US-Iran Twitter War) छिपा हुआ है. दरअसल, अमेरिका और ईरान के रिश्ते दशकों से बेहद तल्ख रहे हैं. ईरान इस बात से चिढ़ा हुआ है कि अमेरिका अक्सर पश्चिम एशियाई देशों की प्राचीन संस्कृति और संप्रभुता को चोट पहुंचाने की कोशिश करता है.
अब जब अमेरिकी विदेश मंत्री भारत जैसी एक और महान और प्राचीन सभ्यता के मेहमान(Marco Rubio’s Visit to India) बने हैं, तो ईरान को अमेरिका की ‘सांस्कृतिक कंगाली’ पर चोट करने का सबसे बेहतरीन मौका मिल गया है. ईरान लगातार यह साबित करने की कोशिश कर रहा है कि बंदूकों और प्रतिबंधों के दम पर दुनिया चलाने वाले अमेरिका का अपना इतिहास इन प्राचीन धरोहरों के सामने बेहद नया और छोटा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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