दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कथित सह आरोपी वैभव जैन को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिल गई है. कोर्ट ने जमानत की शर्तों में बदलाव करते हुए दिल्ली एनसीआर से बाहर जाने की अनुमति दे दी है. वैभव जैन नें कोर्ट से अनुमति मांगी कि बिजनेस के सिलसिले में दिल्ली एनसीआर से बाहर जाना है .
कोर्ट का आदेश
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि कोर्ट के बिना अनुमति के वो देश छोड़कर नही जाएंगे. वहीं कोर्ट ने वैभव जैन का पासपोर्ट सरेंडर करने का आदेश दिया है. कहा इससे पहले हाई कोर्ट ने जमानत देते हुए कई शर्ते लगाई थी. कोर्ट ने कहा था कि वैभव जैन कोर्ट ने बिना अनुमति के देश छोड़कर नही जाएंगे, सबूतों के साथ छेड़छाड़ नही करेंगे और ना ही गवाहों को प्रभावित करेंगे.
ईडी चार्जशीट में कई लोग शामिल
बता दें कि 27 जुलाई 2022 को ईडी ने सत्येंद्र जैन सहित छह आरोपियों और चार कम्पनियों को आरोपी बनाया था. ईडी ने चार्जशीट में सत्येंद्र जैन, उनकी पत्नी पूनम जैन, वैभव जैन, अंकुश जैन, सुनील कुमार जैन, अजित कुमार जैन मेसर्स अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स प्रयास इंफो सॉल्यूशंस प्राइवेट, मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और जेजे आइडियल इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया है.
जैन पर सीबीआई ने भी आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर रखा है.उनपर 2015 से 2017 के बीच आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है.
-भारत एक्सप्रेस
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