वाराणसी के रूपापुर-भेडहरा हाईवे किनारे बनी अत्याधुनिक ‘अरविंद टेक्सटाइल फैक्ट्री’ का उद्घाटन 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ. करीब आठ एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैली और लगभग 100 से 120 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार हुई इस आधुनिक इकाई को पूर्वांचल के रोजगार और टेक्सटाइल सेक्टर में एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है.
स्थानीय महिलाओं को मिल रहा सीधा रोजगार
इस फैक्ट्री की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां काम करने वाली सभी महिला कर्मचारी वाराणसी और आसपास के इलाकों की स्थानीय निवासी हैं. अरविंद लिमिटेड के वाइस चेयरमैन कुलिन लालभाई ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि महज दो-तीन सालों में बनकर तैयार हुई इस स्टेट-ऑफ-द-आर्ट गारमेंट फैसिलिटी में एक हजार से अधिक महिलाओं को सीधे रोजगार मिल रहा है. आने वाले समय में एक हजार और लोगों को इससे जोड़ा जाएगा. यहां बनने वाले टी-शर्ट, शर्ट, जैकेट, लेडीज लेगिंग और जेंट्स बॉक्सर जैसे वर्ल्ड-क्लास गारमेंट्स पूरी दुनिया में एक्सपोर्ट किए जाएंगे.
पीएम से बातचीत कर खिला महिला कर्मचारियों का चेहरा
उद्घाटन के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फैक्ट्री का मुआयना किया, तो वहां कार्यरत महिला कर्मचारियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. ऑपरेटर के रूप में काम कर रही संध्या, वसाव दक्ष और अंजलि ने पीएम मोदी के साथ अपने सीधे संवाद को जीवन का सबसे खास पल बताया. महिलाओं ने कहा कि पीएम ने उनसे काम, ट्रेनिंग और व्यवस्थाओं के बारे में बहुत अपनायत से पूछा.
वहीं, बीनू विश्वकर्मा, सीमा कनौजिया और सरोज देवी जैसी महिला कर्मचारियों का कहना है कि इस फैक्ट्री ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने और आत्मनिर्भर बनने का नया हौसला दिया है. 1931 में अहमदाबाद से शुरू हुए अरविंद समूह की इस नई पहल ने पूर्वांचल की महिलाओं के जीवन में नई उम्मीदों का उजाला भर दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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