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जोधपुर में मोहन भागवत से मिलीं वसुंधरा राजे, भाजपा में नई भूमिका को लेकर सियासी अटकलें तेज

Vasundhara Raj Meets RSS chief Mohan Bhagwat: जोधपुर में राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत से मुलाकात की. करीब 20 मिनट से बैठक से सियासी हलचल तेज हो गई है.

Vasundhara Raj Meets RSS chief Mohan Bhagwat

Vasundhara Raj Meets RSS chief Mohan Bhagwat: राजस्थान की सियासत एक बार फिर गर्माने लगी है. बुधवार को प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जोधपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की. यह बैठक करीब 20 मिनट चली, लेकिन दोनों नेताओं के बीच क्या चर्चा हुई, इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया.

संघ प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों 9 दिन की जोधपुर यात्रा पर हैं. वहीं, वसुंधरा राजे हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मिली थीं. लगातार हो रही इन बैठकों ने भाजपा के भीतर नई हलचल पैदा कर दी है. राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज है कि वसुंधरा राजे को आने वाले समय में पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है.

इन तीन बड़े दिशा में जा सकती हैं नई रणनीति?

राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की चर्चा

भाजपा में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है. ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि वसुंधरा राजे को यह अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है. पार्टी का एक बड़ा वर्ग मानता है कि दशकों से राजनीति में सक्रिय और संघ से जुड़े होने के कारण उन्हें यह मौका मिलना स्वाभाविक है.

वसुंधरा राजे की पसंद का नेता संभाल सकता है कमान

अगर पार्टी शीर्ष नेतृत्व राजे को अध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं देता, तो उनके सुझाव को तवज्जो मिल सकती है. हाल ही में दिल्ली में पीएम मोदी और अमित शाह से हुई उनकी मुलाकात को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है. कयास यह भी हैं कि भाजपा के नए अध्यक्ष का चयन राजे की राय से प्रभावित हो सकता है.

चुनाव के दौरान राजे सीमित भूमिका में नजर

2023 विधानसभा चुनाव और हाल ही लोकसभा चुनाव के दौरान राजे सीमित भूमिका में नजर आईं. विधानसभा चुनाव में उन्होंने कुछ बड़ी रैलियां कीं, जबकि लोकसभा चुनाव में वे केवल झालावाड़ सीट तक ही सक्रिय रहीं, जहां उनके बेटे दुष्यंत सिंह उम्मीदवार थे. उस समय यह भी चर्चा रही कि उन्हें पार्टी नेतृत्व ने ज्यादा अहमियत नहीं दी, जिससे वे नाराज थीं. लेकिन अब भागवत से मुलाकात और दिल्ली दौरों के बाद यह माना जा रहा है कि भाजपा में उनकी सक्रियता दोबारा बढ़ सकती है.

आपको बता दें वसुंधरा राजे का जोधपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से पुराना नाता रहा है. राजस्थान में उनकी राजनीतिक पकड़ और संगठन से जुड़े रिश्तों को देखते हुए उनकी मुलाकात को साधारण नहीं माना जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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