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बारिश के साथ अब चक्रवाती हवाओं का तांडव: झारखंड से बंगाल तक मानसून का खौफ, जानें दिल्ली-UP के मौसम का हाल?

आईएमडी ने 11 जुलाई के लिए दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है. चक्रवाती परिसंचरण और कम दबाव के क्षेत्र के असर से कई इलाकों में 70-80 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और जलभराव की आशंका है.

Weather Update 11 July 2026: पूरे देश में इस समय मानसून आफत का दूसरा नाम बन चुका है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों से लगातार डराने वाली लैंडस्लाइड की खबरें आ रही हैं, तो वहीं देश की राजधानी दिल्ली में मूसलाधार बारिश ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. मध्य प्रदेश और पूर्वी भारत के राज्यों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. कहीं आसमान में घूम रहा साइक्लोनिक सर्कुलेशन बादलों को लगातार भड़का रहा है, तो कहीं कम दबाव का क्षेत्र मूसलाधार बारिश की बड़ी वजह बन गया है. मौसम विभाग (IMD) ने आज यानी 11 जुलाई 2026 के लिए जो ताजा और खौफनाक पूर्वानुमान जारी किया है, उसने उत्तर भारत से लेकर पूर्वी भारत तक प्रशासनिक अमले और आम जनता की रातों की नींद उड़ा दी है.

20 राज्यों पर मंडराया बड़ा खतरा(Weather Update 11 July 2026)

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत देश के करीब 20 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली का भयंकर खतरा मंडरा रहा है. कई मैदानी इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है.

राहत की बात सिर्फ इतनी है कि भीषण लू से पूरी तरह छुटकारा मिल चुका है, लेकिन इसकी जगह अब जानलेवा उमस, जलभराव, बिजली गिरने और बाढ़ जैसी भयानक समस्याएं लोगों की परीक्षा लेंगी. यही वजह है कि IMD बार-बार लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्राओं से बचने की सख्त हिदायत दे रहा है.

चक्रवाती हवाओं का डबल अटैक(aaj ka mausam Update)

इस बार मानसूनी आफत का सबसे खतरनाक असर उन राज्यों में दिख रहा है जहां नदियां पहले से ही उफान पर हैं. पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के ठीक ऊपर बना ऊपरी हवा का एक मजबूत साइक्लोनिक सर्कुलेशन लगातार खाड़ी से नमी खींच रहा है.

दूसरी तरफ, मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र पूरे उत्तर भारत के मौसम को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है. पहाड़ों में जहां लैंडस्लाइड का रेड अलर्ट है, वहीं मैदानी इलाकों में आकाशीय बिजली और तेज हवाएं भारी तबाही मचा सकती हैं. स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों को पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा गया है.

दिल्ली-एनसीआर में आंधी का येलो अलर्ट(aaj ka mausam delhi ncr)

देश की राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर में आज मौसम का मिजाज पूरी तरह पलटने वाला है. मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए भारी बारिश और तेज आंधी का येलो अलर्ट जारी कर दिया है. इस दौरान 75 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं. आज (Weather Update 11 July 2026) दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बारिश के बाद उमस का ग्राफ तेजी से बढ़ेगा, जिससे लोगों की बेचैनी बढ़ सकती है. निचले इलाकों में भारी जलभराव और भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है.

यूपी-बिहार में कड़कड़ाती बिजली का दोहरा संकट

उत्तर प्रदेश: पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी तक मानसून का तांडव देखने को मिलेगा. मेरठ, आगरा, मथुरा, कानपुर, बहराइच, गोरखपुर और रायबरेली समेत दर्जनों जिलों में भारी बारिश और 70 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट है. लखनऊ में आज न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा.

बिहार: यहां बारिश से ज्यादा आकाशीय बिजली (वज्रपात) सबसे बड़ा काल बनी हुई है. पटना, गया, चंपारण, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया सहित कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है. नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है.

झारखंड और बंगाल: बंगाल की खाड़ी के साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण रांची, दुमका, देवघर, कोलकाता और हावड़ा में अगले तीन दिनों तक लगातार मूसलाधार बारिश होगी. 70 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा सकती हैं.

पहाड़ों में चारधाम यात्रा पर ब्रेक

उत्तराखंड के नैनीताल, चमोली और रुद्रप्रयाग में भारी आफत की बारिश (aaj ka mausam) शुरू हो चुकी है, जिससे चारधाम यात्रा मार्गों पर भूस्खलन का खतरा कई गुना बढ़ गया है. हिमाचल के मनाली में न्यूनतम तापमान गिरकर 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, गोवा और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भी मानसून पूरी ताकत से गरज रहा है. मौसम विभाग ने समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और तूफानी हवाओं को देखते हुए मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है. किसानों को भी खुले खेतों में काम न करने की हिदायत दी गई है.

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-भारत एक्सप्रेस



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