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अरब सागर से लेकर गंगासागर तक भगवा…ममता का ‘खेला’ खत्म; जानें अटल बिहारी वाजपेयी का वो सपना कैसे होने जा रहा साकार

पश्चिम बंगाल में रुझानों (Bengal Election Result) में BJP प्रचंड बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है, जबकि TMC 100 के अंदर सिमटती नजर आ रही है. अगर यही ट्रेंड रहा तो बंगाल में पहली बार सत्ता परिवर्तन तय माना जा रहा है…

Bengal Election Result Update: आज 4 मई 2026 की तारीख भारतीय इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से दर्ज होने जा रही है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझानों ने साफ कर दिया है कि ममता दीदी का ‘खेला’ अब खत्म(TMC Game over) हो चुका है और बंगाल की धरती पर ‘भगवा क्रांति’ का उदय हुआ है.

बता दें कि ताज़ा रुझानों में बीजेपी 184 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत (Bengal bjp win factor) की ओर बढ़ रही है, जबकि टीएमसी महज 97 सीटों पर सिमटती दिख रही है. यह जीत इसलिए भी बड़ी है क्योंकि अब अरब सागर से लेकर गंगासागर तक भारत का हृदय स्थल एक ही रंग में रंगा नजर आ रहा है.

अटल बिहारी वाजपेयी का वो ‘सपना’ हुआ पूरा?(Bengal Election Result)

कभी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कामना की थी कि भारत के पश्चिम से पूर्व तक राष्ट्रवाद की एक अखंड धारा बहे. आज वह सपना सच हो गया है. गुजरात की सीमाओं से शुरू होकर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, बिहार और अब अंततः पश्चिम बंगाल भारत के नक्शे पर एक सीधी लकीर खींच दी जाए, तो अब हर राज्य में बीजेपी या उसके गठबंधन की सरकार है. बंगाल वो आखिरी किला था जो अब ढह चुका है.

भगवा रंग में रंगा भारत का हृदय(Bengal bjp win factor)

आज की जीत ने भारत के नक्शे पर एक ऐसी लकीर खींच दी है जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी. गुजरात के सोमनाथ से शुरू होकर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा होते हुए अब यह धारा पश्चिम बंगाल के गंगासागर तक जा पहुँची है. अब अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक एक ही विचार और एक ही विजन वाली सरकारों का राज है. बंगाल वो आखिरी कड़ी थी, जिसके जुड़ते ही ‘अखंड राजनीतिक भारत’ का संकल्प पूरा होता दिख रहा है.

‘कांग्रेस-वामदल’ का सूपड़ा साफ(TMC Game over)

बंगाल की राजनीति में कभी ‘किंगमेकर’ रहने वाली कांग्रेस का आज खाता तक नहीं खुला है. वहीं, 34 साल तक राज करने वाली सीपीएम सिर्फ एक सीट पर संघर्ष कर रही है. बंगाल की जनता ने साफ संदेश दे दिया है कि उन्हें अब ‘भाई-भतीजावाद’ और ‘तुष्टिकरण’ नहीं, बल्कि ‘विकास’ की मुख्यधारा चाहिए.

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बंगाल बना बीजेपी का नया ‘पावर हाउस’

गुजरात से लेकर बंगाल तक के इस ‘भगवा गलियारे’ (Saffron Corridor) के बनने से देश की आंतरिक सुरक्षा और आर्थिक एकीकरण को नई ताकत मिलेगी. पूर्वी भारत का द्वार कहा जाने वाला बंगाल अब केंद्र के साथ मिलकर ‘डबल इंजन’ की रफ्तार से दौड़ने के लिए तैयार है. कोलकाता की सड़कों पर जय श्री राम के नारों के साथ समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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