पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद अब मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे को लेकर तस्वीर साफ हो गई है. सरकार के गठन के बाद पहली बार मंत्रियों को उनके विभाग सौंप दिए गए हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज को रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
नई कैबिनेट में कई अहम जिम्मेदारियां अलग-अलग मंत्रियों को दी गई हैं. दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, पंचायत और पशुधन जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वहीं अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल कल्याण विभाग दिया गया है, जो सामाजिक स्तर पर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है.
इसके अलावा अशोक कीर्तनिया को खाद्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि खुदीराम टुडू को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का कार्यभार सौंपा गया है. निसिथ प्रमाणिक को भी बड़ी जिम्मेदारी मिली है. उन्हें उत्तर बंगाल विकास के साथ-साथ खेल और युवा कल्याण विभाग दिया गया है.
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने खुद गृह विभाग अपने पास रखा है, जिससे साफ है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे मामलों पर उनकी सीधी नजर रहेगी.
पहली कैबिनेट बैठक में अहम फैसले
मंत्रिमंडल के गठन के बाद सोमवार को पहली बैठक भी हुई, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने की. इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए है. सबसे अहम निर्णय यह रहा कि बांग्लादेश से लगती बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कांटेदार तार लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन दी जाएगी. सरकार ने तय किया है कि यह प्रक्रिया 45 दिनों के भीतर पूरी कर दी जाएगी.
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह फैसला सरकार के संकल्प पत्र का हिस्सा था और पहले से इसकी घोषणा भी की गई थी.
केंद्र की योजनाओं पर भी बड़ा कदम
बैठक में एक और बड़ा फैसला यह लिया गया कि पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत’ को लागू किया जाएगा. पिछली सरकार ने इसे राज्य की अपनी योजना ‘स्वस्थ साथी’ के चलते लागू नहीं किया था, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाने पर सहमति बन गई है.
इसके साथ ही कई अन्य केंद्रीय योजनाओं में भी राज्य की भागीदारी बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है. इनमें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, किसान बीमा योजना, पीएम श्री योजना, विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं.
बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सभी जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए हैं कि वे योजनाओं से जुड़े आवेदन जल्द से जल्द केंद्र सरकार को भेजें. उन्होंने यह भी साफ किया कि राज्य में चल रही किसी भी मौजूदा कल्याणकारी योजना को बंद नहीं किया जाएगा.
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इन योजनाओं का लाभ केवल पात्र लोगों को ही मिलेगा, किसी मृत व्यक्ति या गैर-नागरिक को इसका फायदा नहीं दिया जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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