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बंगाल में पक रही है ‘सियासी खिचड़ी’! पीएम मोदी से मिले अधीर रंजन, मीडिया से क्या बताया?

Adhir Ranjan Meets PM Modi: बीजेपी और NDA इन दिनों पश्चिम बंगाल के चुनावों पर फोकस कर रही है. इस बीच कांग्रेस से नाराज चल रहे नेता अधीर रंजन चौधरी की पीएम मोदी से मुलाकात हुई है. ऐसे में एक बार फिर सियासी पारा बढ़ गया है.

West Bengal Politics Adhir Ranjan Chowdhury Meets PM Modi Speculation Rises Delhi

Adhir Ranjan Meets PM Modi: पश्चिम बंगाल कांग्रेस के कद्दावर नेता और अक्सर अपने बयानों के लिए सुर्खियों में रहने वाले अधीर रंजन चौधरी ने सोमवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. संसद भवन या किसी सार्वजनिक कार्यक्रम से इतर इस व्यक्तिगत मुलाकात ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. आधिकारिक तौर पर अधीर रंजन ने इसे बंगाल के प्रवासी मजदूरों के हित में की गई मुलाकात बताया, लेकिन राजनीतिक पंडित इसे उनके ‘मोहभंग’ और संभावित ‘पाला बदलने’ से जोड़कर देख रहे हैं.

अधीर रंजन का आधिकारिक बयान

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद अधीर रंजन चौधरी ने मीडिया से बाक की. इस दौरान उन्होंने बीजेपी राज्यों को लेकर शिकायत की है. उन्होंने कहा कि हमारे बंगाल के प्रवासी मजदूर पूरे देश में हैं. देश के कई सूबों, खासकर भाजपा शासित प्रदेशों में उन पर अत्याचार हो रहे हैं. ओडिशा में कुछ दिन पहले हमारे एक मजदूर की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई. उन्होंने आगे कहा कि-

मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सारी जानकारी दी है और बताया है कि अमानवीय तरीके से उनके साथ बर्ताव किया जा रहा है.

क्या जाग रही है ‘अंतरात्मा’?

भले ही एजेंडा मजदूरों की सुरक्षा का बताया गया हो, लेकिन टाइमिंग बहुत कुछ कहती है. सियासी गलियारों में चर्चा आम है कि अधीर रंजन पिछले कुछ समय से कांग्रेस नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि परसों (28 दिसंबर) ही कांग्रेस का स्थापना दिवस था. तब अधीर रंजन, दिग्विजय सिंह और शशि थरूर के साथ बैठे नजर आए थे. उस समय उनकी चुप्पी और बॉडी लैंग्वेज ने कई सवाल खड़े किए थे.

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पश्चिम बंगाल में टीएमसी के साथ कांग्रेस के समीकरणों और वामदलों के कमजोर पड़ने के बीच, अधीर रंजन का पीएम मोदी से मिलना महज संयोग नहीं माना जा रहा. चर्चा है कि चुनाव से पहले वे कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं. क्या अधीर रंजन की ‘अंतरात्मा’ जाग रही है या यह सिर्फ दबाव की राजनीति है? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इस मुलाकात ने कांग्रेस हाईकमान की चिंता जरूर बढ़ा दी है.



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