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सत्ता गई तो याद आई ईमानदारी! लोगों को पैसे क्यों दे रहे हैं TMC के नेता?

TMC Cut Money Return West Bengal: पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में सत्ता बदलने के बाद TMC नेता डरे हुए हैं. ‘आवास योजना’ और जमीन विवाद के नाम पर ग्रामीणों से वसूली गई ‘कटमनी’ (कमीशन) अब खुले मैदानों में वापस लौटाई जा रही है. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने इसका वीडियो भी शेयर किया है.

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TMC Cut Money Return West Bengal: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त एक ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है, जिसकी कल्पना कुछ महीनों पहले तक नामुमकिन थी. सूबे में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनते ही, भ्रष्ट नेताओं में खौफ की ऐसी लहर दौड़ी है कि वे खुद गांव-गांव जाकर अपना पाप धो रहे हैं. कूचबिहार जिले में TMC नेता उन गरीब गांववालों को खुले मैदानों में बुलाकर उनके पैसे (कटमनी/घूस) वापस कर रहे हैं, जिनसे उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर जबरन वसूली की थी.

‘आवास योजना’ के नाम पर रंगदारी

बंगाल की राजनीति में ‘कटमनी’ (Cut Money) उस गैर-कानूनी कमीशन को कहा जाता है, जो नेता सरकारी फंड या विकास योजनाओं का फायदा पहुंचाने के एवज में वसूलते हैं. कूचबिहार साउथ के घुघुमारी ग्राम पंचायत और माथाभंगा क्षेत्र में हालात सबसे ज्यादा गर्म हैं.

गांववालों का आरोप है कि पिछली TMC सरकार के दौरान ‘आवास योजना’ का फायदा पाने और किश्तों की देरी से बचने के लिए उन्हें डर के मारे 5,000 से 25,000 रुपये तक की कटमनी देनी पड़ी थी. अब लोग लाउडस्पीकर से ऐलान कर TMC नेताओं (जैसे ज्योत्सना बर्मन) को उनका वादा याद दिला रहे हैं और घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं.

खुले मैदान में कैश बैक

कूचबिहार के पचगढ़ ग्राम पंचायत (फकीरर कुठी इलाका) में तो बाकायदा एक स्कूल के मैदान में सभा बुलाकर ‘कटमनी’ वापस की गई. बूथ अध्यक्ष तपन डे ने खुद कई लोगों को पैसे लौटाए. सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि इलाके के रसूखदार TMC नेता बबाई बर्मन (जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं) की जगह उनके बुजुर्ग पिता मंच पर आए और ग्रामीणों को घूस के पैसे वापस किए. ग्रामीणों में पैसा वापस मिलने की खुशी तो है, लेकिन बिना काम हुए बरसों तक पैसे फंसाए रखने की भारी नाराजगी भी है.

अमित मालवीय का वार

इस पूरे वाकये पर बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने एक ‘झन्नाटेदार’ वीडियो शेयर करते हुए तंज कसा है. उन्होंने लिखा, “TMC से जुड़े लोगों द्वारा इकट्ठा किया गया पैसा खुले खेतों में लौटाया जा रहा है. खुले में क्यों? क्योंकि लोगों का गुस्सा उफान पर है और गिरफ्तारी का डर सचमुच बना हुआ है.

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वहीं, स्थानीय बीजेपी अध्यक्ष सुरेंद्र बर्मन ने दावा किया है कि पंचायत से जुड़े कुछ लोगों और टीएमसी नेताओं ने मिलकर ग्रामीणों से करीब 80 लाख रुपये की वसूली की थी. अब जब सत्ता छिन गई है और कानूनी हथौड़ा चलने का डर सता रहा है, तो इन भ्रष्ट नेताओं के पास ‘कटमनी’ वापस करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है.



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