Bharat Express DD Free Dish

ELI Scheme: कंपनी और कर्मचारी दोनों को फायदा, आखिर किन शर्तों के साथ मिलेगा पैसा?

केंद्र सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नई योजना शुरू की है. इसे एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (ELI Scheme) नाम दिया गया है. आइये जानें इसका किसे और कैसे लाभ मिलेगा?

ELI Scheme

एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम

ELI Scheme:  मोदी सरकार ने बजट में किया अपना वादा निभाया है. मंगलवार को हुए कैबिनेट बैठक में सरकार ने एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (ELI Scheme) को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को केंद्र सरकार की ओर से 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इसके लिए कैबिनेट बैठक में बजट भी जारी कर दिया गया है। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार में मिलने की संभावना है. आइये जानें इससे कैसे और किसे फायदा होगा?

ELI Scheme का उद्देश्य देश में भविष्य के लिए कुशल वर्कफोर्स तैयार करना और युवाओं को रोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों और कंपनी दोनों को प्रोत्साहन मिलेगा. इससे बाजार में नौकरी बढ़ने की संभावना है. योजना के तहत अगले 2 सालों में 3.5 करोड़ से अधिक जॉब्स क्रिएट होंगी। इसमें से 2 करोड़ के करीब युवा पहली बार नौकरी में आएंगे. यह योजना 1 अगस्त 2025 से लेकर 31 जुलाई 2027 तक बनी नौकरियों पर लागू होगी.

किसे और कैसे मिलेगा पैसा?

इस योजना के तहत, पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में मिलेगी. पहली किस्त 6 महीने की नौकरी पूरी होने के बाद और दूसरी किस्त 12 महीने की नौकरी के बाद मिलेगी.  इस योजना के लिए पात्रता की कुछ शर्तें हैं. मसलन, कर्मचारी की सैलरी 1 लाख रुपये महीने से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और उन्हें EPFO से पहली बार जुड़ना चाहिए. साथ ही, कंपनी को भी EPFO के तहत रजिस्टर्ड होना जरूरी है.

क्या कंपनी को कितना पैसा मिलेगा?

कंपनी को भी केंद्र सरकार की ओर से प्रत्येक कर्मचारी पर 3000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी. जिन कर्मचारियों की सैलरी 10,000 रुपये तक या उससे कम है, उनके लिए अनुपात के हिसाब से कंपनी को पैसा दिया जाएगा.

दो पार्ट में बनी है स्कीम

  • पार्ट A: पहली बार नौकरी करने वालों के लिए यह योजना सहारा साबित होगी. इस योजना के तहत, EPFO में रजिस्टर्ड कर्मचारियों को पहली बार नौकरी शुरू करने पर अधिकतम 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. यह राशि दो किस्तों में मिलेगी – पहली किस्त 6 महीने नौकरी करने के बाद और दूसरी किस्त 12 महीने नौकरी करने और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद. इस योजना से करीब 1.92 करोड़ नए कर्मचारियों को फायदा होगा.
  • पार्ट B: नौकरी देने वाली कंपनियों को भी इस योजना के तहत प्रोत्साहन मिलेगा. जिन कर्मचारियों की सैलरी 1 लाख रुपये तक है, उनके लिए कंपनियों को प्रति कर्मचारी 3000 रुपये प्रति महीना दो साल तक दिया जाएगा, बशर्ते कर्मचारी कम से कम 6 महीने तक नौकरी में रहे. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए यह प्रोत्साहन तीसरे और चौथे साल तक भी मिलेगा. इसके लिए कुछ शर्तें भी हैं, जैसे कि EPFO में रजिस्टर्ड कंपनियों को कम से कम 2 नए कर्मचारी (50 से कम कर्मचारियों वाली कंपनियों के लिए) या 5 नए कर्मचारी (50 या ज्यादा कर्मचारियों वाली) 6 महीने तक काम पर रखने होंगे.

ये भी पढ़ें: केंद्र सरकार जल्द देने वाली है आम आदमी को राहत! 12% जीएसटी की जगह अब लगेगा 5% GST

आवेदन कैसे करें?

ELI योजना के लिए अलग से ऑनलाइन आवेदन करने की जरूरत नहीं है. आपके ईपीएफओ से जुड़ने के साथ ही आपका डाटा सरकार के पास चला जाएगा और लगातार 6 महीने तक पीएफ कटने के बाद अपने आप ही यह पैसा खाते में आ जाएगा. इसके लिए आपको अलग से कोई भी आवेदन करने की जरूरत नही है.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read