Who is Rashmi Kamal: पश्चिम बंगाल में आगामी जनगणना और नागरिक पंजीकरण की प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा दांव चला है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रश्मि कमल के नाम पर भरोसा जताते हुए उन्हें राज्य का निदेशक जनगणना कार्य और नागरिक पंजीकरण निदेशक नियुक्त किया है.
अब लोगों के मन में सवाल है कि आखिर रश्मि कमल कौन हैं और उन्हें यह अहम जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई है? आइए जानते हैं इस अनुभवी अधिकारी के बारे में और उनके सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में.
कौन हैं रश्मि कमल?
रश्मि कमल भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS के 2006 बैच की एक वरिष्ठ और तेजतरार अधिकारी हैं. वे पश्चिम हंगाल की ही अधिकारी हैं, जिसका मतलब है कि उन्हें राज्य की प्रशासनिक बारिकियों, भौगोलिक स्थिति और भाषा विविधता की गहरी समझ है.
करीब 220 साल का लंबा प्रशासनिक अनुभव रखने वाली रश्मि कमल इससे पहले राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी हैं. उन्हें एक ऐसी अधिकारी के तौर पर जाता जाता है जो बड़े और जटिल डेटा मैनेजमेंट को संभालने में माहिर हैं. यही कारण है कि सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत उन्हें इस केंद्रिय प्रतिनियुक्ति के लिए चुना गया है.
दोहरी जिम्मेदारी के साथ है बड़ी चुनौती
राष्ट्रपति द्वारा उन्हें जो दो बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं, वे न केवल प्रशासनिक हैं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील हैं. इनके कंधों पर पश्चिम बंगाल में ‘जनगणना 2027’ को सफलतापूर्वक पूरा करने का भार होगा. इसके साथ ही रश्मि नागरिक पंजीकरण निदेशक भी हैं. यह पद नागरिकता अधिनियम के तहत पंजीकरण प्रक्रियाओं की निगरानी करता है, जो बंगाल जैसे राज्य में हमेशा चर्चा का विषय रहता है.
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क्यों अहम है इनकी नियुक्ति?
रश्मि कमल की यह पारी 14 जनवरी 2026 से शुरू होने जा रही है और उनका मुख्यालय कोलकाता में होगा. यह नियुक्ति इसलिए भी खास है क्योंकि जनगणना 2027 में इस बार पहली बार बड़े पैमाने पर जाति गणना भी शामिल की गई है.
इतना ही नहीं, अप्रैल 2026 से ‘हाउस-लिस्टिंग’ का काम शुरू होने वाला है. सरकार ने इस बार डिजिटल जनगणना और सेल्फ एन्यूमरेशन जिसका मतलब है खुद से जानकारी भरने का विकल्प भी दिया है. ऐसे में रश्मि कमल की भूमिका यह सुनिश्चित करने में होगी कि राज्य के हर घर तक जनगणना की प्रश्नावली पहुंचे और डेटा पूरी सटीकता के साथ दर्ज हो.
पश्चिम बंगाल के लिए खास क्यों?
पश्चिम बंगाल एक घनी आबादी वाला राज्य है. यहां जनगणना के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं जैसे- पेयजल, शौचालय, इंटरनेट और बिजली के कनेक्शन का डेटा जुटाना सरकार की भावी योजनाओं के लिए आधार बनेगा. रश्मि कमल के अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि वह इस मेगा प्रशासनिक अभ्यास को समय पर और बिना किसी विवाद के पूरा करने में सफल रहेंगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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