निमिषा प्रिया.
Kerala Nurse Nimisha Priya Death Sentense: भारत ने मंगलवार (31 दिसंबर) को घोषणा की कि वह केरल की नर्स निमिषा प्रिया (Nimisha Priya) को हरसंभव मदद प्रदान कर रहा है. निमिषा प्रिया को यमन में एक यमनी नागरिक की हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई गई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा, ‘हमें यमन में निमिषा प्रिया की सजा के बारे में पता है. हम समझते हैं कि प्रिया का परिवार प्रासंगिक विकल्पों पर विचार कर रहा है. सरकार इस मामले में हरसंभव मदद कर रही है.’
सदमे में है परिवार
यह बयान यमन के राष्ट्रपति रशद अल-अलीमी की ओर से निमिषा प्रिया की मौत की सजा को हाल ही में मंजूरी दिए जाने के बाद आया है. रिपोर्ट्स बताती हैं कि एक महीने के भीतर फांसी हो सकती है, जिससे परिवार सदमे में है और उसे बचाने के लिए समय की कमी महसूस कर रहा है.
Our response to media queries regarding the case of Ms. Nimisha Priya:https://t.co/DlviLboqKG pic.twitter.com/tSgBlmitCy
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) December 31, 2024
Blood Money प्रथा
निमिषा की मां 57 वर्षीय प्रेमा कुमारी मृत्युदंड की सजा माफ करवाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही हैं. इस साल की शुरुआत में उन्होंने यमन की राजधानी सना की यात्रा की थी.
इस यात्रा का मकसद यमन में स्थित एनआरआई सामाजिक कार्यकर्ताओं के संगठन सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल की मदद से मृतक के परिवार के साथ दिया (ब्लड मनी) के भुगतान पर बातचीत करना था. ब्लड मनी यमन में यह एक पारंपरिक प्रथा है, जिसके कारण प्रिया की सजा में कमी आ सकती थी.
केरल की हैं निमिषा
केरल के पलक्कड़ जिले के कोलेंगोडे की नर्स निमिषा प्रिया अपने डेली वेज वर्कर माता-पिता की मदद के लिए 2008 में यमन चली गई थीं. उन्होंने कई अस्पतालों में काम किया और आखिरकार अपना खुद का क्लीनिक खोलने का फैसला किया.
तलाल अब्दो महदी से संपर्क
2014 में प्रिया, तलाल अब्दो महदी के संपर्क में आईं, जिन्होंने उन्हें अपना क्लीनिक शुरू करने में मदद करने का वादा किया. इसके लिए पार्टनरशिप की जरूरत थी, क्योंकि यमनी कानून के अनुसार, किसी भी व्यवसाय को शुरू करने के लिए स्थानीय लोगों के साथ पार्टनरशिप करना अनिवार्य है. हालांकि, उनके बीच मतभेदों के कारण यह पार्टनरशिप जल्द ही समाप्त हो गई.
प्रिया ने 2015 में महदी के बिना अपना क्लीनिक शुरू किया, जिससे कथित तौर पर वह नाराज हो गए. उन्होंने प्रिया को धमकाना शुरू कर दिया और कथित तौर पर यह सुनिश्चित करने के लिए उसका पासपोर्ट भी ले लिया कि वह यमन छोड़कर न जाएं. इसके बाद प्रिया ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके कारण 2016 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि कुछ समय बाद उसे रिहा कर दिया गया.
महदी की मौत
खबरों के अनुसार, 2017 में जब दोनों के बीच विवाद चल रहा था, तब प्रिया ने अपना पासपोर्ट वापस पाने के लिए उन्हें बेहोशी का इंजेक्शन दे दिया था. हालांकि, ओवरडोज की वजह से उसकी मौत हो गई. एक वर्ष बाद प्रिया को हत्या का दोषी पाया गया और उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई गई.
प्रिया का परिवार मौत की सजा से छूट पाने के लिए प्रयास कर रहा है. उनकी मां प्रेमा कुमारी ने मौत की सजा के खिलाफ यमन के सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन 2023 में उनकी अपील खारिज कर दी गई. वे पीड़ित परिवार को दीया (ब्लड मनी) के भुगतान के लिए भी बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सितंबर में अचानक यह बातचीत भी रुक गई, जब भारतीय दूतावास द्वारा नियुक्त वकील अब्दुल्ला अमीर ने कथित तौर पर 20,000 डॉलर (लगभग 16.6 लाख रुपये) की प्री-नेगोशिएशन फीस की मांग की.
-भारत एक्सप्रेस
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