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‘समझौते पर स्वीकार नहीं अंतरिम फैसला’ – चुनाव आयोग के कदम पर ममता का तीखा हमला

Supreme Court: पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की परेशानी कम होने का नाम नही ले रहा है. राज्य से कुर्सी जाने के बाद लगातार उनकी परेशानी बढ़ रही है. अब ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह पर रोक लगाने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

Supreme court And mamta banerjee
Edited by Shubhra Rai

 Supreme Court: पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की परेशानी कम होने का नाम नही ले रहा है. राज्य से कुर्सी जाने के बाद लगातार उनकी परेशानी बढ़ रही है. अब ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह पर रोक लगाने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

पार्टी का नाम और सिंबल के इस्तेमाल करने पर रोक

बनर्जी की ओर से दायर याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को लेकर सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के समक्ष मेंशनिंग होगी. ममता बनर्जी ने कोर्ट में टीएमसी के सिंबल को लेकर चुनाव आयोग के दिये फैसलों को चुनौती दी है. चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी को पार्टी का नाम और सिंबल के इस्तेमाल करने पर रोक लगा दिया है. आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए टीएमसी के ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को फुटबॉल खिलाड़ी’ जबकि अरूप रॉय गुट को ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है.

असली तृणमूल कांग्रेस और चुनाव चिन्ह के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान

जिसके बाद ममता बनर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह अंतरिम व्यवस्था को समझौते के तौर पर स्वीकार नहीं करेंगी और वह पार्टी की असली पहचान एवं चुनाव चिन्ह वापस पाने के लिए संघर्ष करेंगी. ममता ने तृणमूल कांग्रेस के साथ अपने लंबे राजनीतिक जुड़ाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वह ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को नहीं छोड़ सकती, क्योंकि यह वह पार्टी है जिसे उन्होंने 39 साल के संघर्ष, त्याग और राजीनीतिक लड़ाइयों के बाद बनाया है. टीएमसी के भीतर दो प्रतिद्वंद्वी गुट मौजूद है और दोनों ही असली टीएमसी होने का दावा कर रहे है.

निष्पक्षता के लिए फ्रीज हुआ TMC का नाम और प्रतीक

आयोग ने यह कदम इलेक्शन ऑर्डर 1968 के पैरा 15 के तहत यह अंतरिम कदम उठाया है. आयोग के मुताबिक चुनाव आयोग से पहले दोनों पक्षों के दावों पर पूरी तरह से फैसला करना संभव नही था, इसलिए निष्पक्षता बनाए रखने के लिए टीएमसी का नाम ‘फूल-घास’ चुनाव चिन्ह को फ्रीज कर दिया गया. ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों और अन्य संस्थानों का इस्तेमाल विपक्षी दलों के खिलाफ किया गया. ममता बनर्जी द्वारा यह आरोप लगाए गए हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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