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Monsoon Update North India: मानसून दिल्ली-एनसीआर और यूपी पहुंच चुका है, लेकिन बदरा हैं कि बरसने का नाम ही नहीं ले रहे.’ उत्तर भारत के करोड़ों लोग इन दिनों इसी अजीबोगरीब स्थिति से जूझ रहे हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है, लेकिन दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग अब भी उमस वाली गर्मी झेलते हुए झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं.
आखिर ऐसा क्यों है कि मानसून की एंट्री के बाद भी सूखा पड़ा है? मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून का किसी इलाके में ‘पहुंचना’ और वहां ‘झमाझम बारिश होना’, दोनों दो अलग बातें हैं.
बंगाल की खाड़ी में नहीं बना ‘लो प्रेशर’
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस सूखे और उमस के पीछे सबसे बड़ा कारण बंगाल की खाड़ी में किसी मजबूत निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure System) का न होना है. असल में, ये निम्न दबाव क्षेत्र ही मानसून के असली ‘इंजन’ होते हैं. ये समुद्र से भारी मात्रा में नमी खींचकर देश के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचाते हैं, जिससे झमाझम बारिश होती है.
फिलहाल ऐसा कोई मजबूत सिस्टम नहीं बन रहा है, जिससे नमी वाली हवाएं कमजोर पड़ गई हैं. INSAT-3DS सैटेलाइट की तस्वीरों में भी साफ दिख रहा है कि मध्य और दक्षिण भारत में तो घने बादल हैं, लेकिन उत्तर भारत का आसमान साफ है. इसी वजह से केवल छिटपुट जगहों पर ही हल्की बौछारें पड़ रही हैं.
जुलाई में खत्म होगा ‘वेटिंग फेज’
राहत की बात यह है कि मौसम का यह ‘वेटिंग फेज’ जल्द ही खत्म होने वाला है. मौसम मॉडल्स के संकेत बता रहे हैं कि हिंद महासागर के ऊपर एक नया मौसमी सिस्टम बन रहा है, जो अगले 4 से 7 दिनों में बंगाल की खाड़ी में एंट्री करेगा. इससे एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनेगा.
साथ ही पश्चिमी भारत के ऊपर एक ‘मिडिल ट्रोपोस्फेरिक वॉर्टेक्स’ बनने की भी संभावना है, जो भारी बारिश लाता है. अगर ये दोनों सिस्टम अनुमान के मुताबिक काम करते हैं, तो जुलाई के पहले सप्ताह से दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून पूरी रफ्तार पकड़ लेगा और झमाझम बारिश का दौर शुरू हो जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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