मध्य प्रदेश विधानसभा के सर्कुलर पर सियासत
Protest Ban In MP Vidhan Sabha: संसद का मानसून सत्र चल रहा है. इसी दौरान देश की तमाम विधानसभाओं में भी या तो मानसून सत्र शुरू हो गया है या फिर शुरू होने की तैयारी हो रही है. इसके लिए राज्यपाल की ओर से नोटिफिकेशन जारी किए जा रहे हैं. वहीं विधानसभा सचिवायलों को ओर से सत्र और उससे जुड़े नियम कानून के सर्कुलर जारी किए जा रहे हैं. ऐसे ही एक सर्कुलर मध्य प्रदेश में आया है जिसके कारण सियासत तेज हो गई है. दरअसल मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने जारी सर्कुलर में कहा है कि सत्र के दौरान परिसर में प्रदर्शन और नारेबाजी करने पर बैन रहेगा. अब इस पर कांग्रेस हमलावर हो गई है. वहीं भाजपा की ओर से इसका बचाव किया जा रहा है. आइये जानें इस सर्कुलर के पीछे का कारण क्या है?
बता दें मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर आदेश जारी हो चुके हैं. इसके अनुसार, सदन 28 जुलाई से शुरू होकर 8 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान कुल 10 बैठकें होंगी. सत्र शुरू होने से पहले कुल 3377 प्रश्न आए हैं. वहीं 191 ध्यानाकर्षण की सूचनाओं के साथ एक स्थगन प्रस्ताव सचिवालय को मिला है. माना जा रहा था कि ये सत्र हंगामे वाला हो सकता है. इससे पहले विधानसभा का सर्कुलर आ गया है.
किन-किन चीजों पर लगा बैन?
विधानसभा सचिवालय ने नियम 94(2) के तहत एक सर्कुलर जारी किया है. इसके अनुसार, कोई भी विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन या नारेबाजी नहीं कर सकता है. इतना ही नहीं विरोध करने के लिए मुखौटे, प्रॉप्स, प्लेकार्ड, हॉर्न जैसी चीजों के उपयोग पर भी बैन रहेगा. ऐसा पहली बार नहीं है. हर सत्र और हर सरकार के समय सत्र शुरू होने से पहले सचिवालय सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए ऐसे सर्कुलर जारी करता है. हालांकि, इनकी कितना पालन होता है यह कार्यवाही के दौरान ही पता चलता है.
प्रदेश में गरमाई सियासत
इस आदेश के आने के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि अध्यक्ष सरकार के दबाव में विधायकों के विरोध प्रदर्शन या जनता की आवाज उठाने पर रोक लगा रहे हैं. सिंघार ने कार्यवाही का सीधा प्रसारण करने की मांग की है. उनका दावा है सरकार सदन में गलत आंकड़े देती है. वहीं कद्दावर भाजपा नेता और पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा कि विधानसभा गंभीर संवैधानिक चर्चा करने का स्थान है. अगर किसी को कुश्ती और अराजकता करनी है तो वह दशहरा मैदान और रोशनपुरा जाएं. सदन कोई रंगमंच नहीं है.
ये भी पढ़ें: क्या 2 हजार से ज्यादा के UPI लेन-देन पर GST लगाने जा रही सरकार? जानें वित्त मंत्रालय का जवाब
बैन के पीछे का कारण क्या है?
मध्य प्रदेश विधानसभा के पिछले कुछ सत्रों के दौरान कांग्रेस ने प्रदर्शनों के जरिए सरकार को आड़े हाथों लिया. कभी नकली सांप तो कभी कंकाल वाली पोशाक सुर्खियों में रही है. परिसर के भीतर और सदन के अंदर कई तरह के प्रदर्शन होते रहे हैं. सरकार का मानना है कि इससे कार्यवाही में खलल होता है. विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का भी इस मामले में बयान आया है. उन्होंने कहा कि स्थायी निर्देश वाला परिपत्र एक हफ्ते पहले जारी किया गया था. उद्देश्य सदन में स्वस्थ बहस, किसी को भाग लेने से न रोकना और मर्यादा को बनाए रखना है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


