लोकसभा में आज (गुरुवार) को महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित करते हुए कई अहम बातें कहीं. उनका पूरा भाषण इस बात पर केंद्रित रहा कि यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक बड़ा और निर्णायक मोड़ है.
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत इसी भाव के साथ की कि जीवन में कुछ ऐसे मौके आते हैं, जब समय और नेतृत्व मिलकर किसी फैसले को इतिहास में दर्ज कर देते हैं. उन्होंने कहा कि आज का दिन भी वैसा ही है, जब संसद एक ऐसे निर्णय की ओर बढ़ रही है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत नींव तैयार करेगा. उनके मुताबिक, अगर इस तरह के सुधार 25–30 साल पहले ही लागू हो जाते तो देश आज और आगे होता, लेकिन देर से ही सही, अब यह अवसर सामने है.
लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा हजारों वर्षों से चली आ रही है और यह विधेयक उसी यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ने जैसा है. उन्होंने कहा कि संसद के सभी सदस्यों के लिए यह गर्व का क्षण है कि वे उस प्रक्रिया का हिस्सा बन रहे हैं, जिसमें देश की आधी आबादी को नीति-निर्माण में बराबरी का स्थान मिलने जा रहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक फैसला नहीं है, बल्कि शासन व्यवस्था को अधिक संवेदनशील और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. पीएम के अनुसार, इस फैसले से जो विचार और मंथन सामने आएगा, वही आगे चलकर देश की राजनीति और दिशा दोनों को प्रभावित करेगा.
‘विकसित भारत’ के लक्ष्य से जुड़ा फैसला
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में 21वीं सदी के भारत का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ दुनिया में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है. वैश्विक स्तर पर भारत को जो स्वीकृति मिल रही है, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है.
उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” सिर्फ सड़कों, रेल, इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक आंकड़ों तक सीमित सोच नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है. खासतौर पर महिलाओं की भागीदारी के बिना यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता.
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है और जब भी इस दिशा में कोई कदम आगे बढ़ा है, तब समाज ने उसे सकारात्मक रूप से देखा है. उन्होंने यह संकेत भी दिया कि देश की महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और उन्होंने हमेशा ऐसे फैसलों का समर्थन किया है जो उन्हें सशक्त बनाते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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