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‘अधिकारियों की दी जा रही बलि…’ हेमंत सरकार पर सहयोगी दल के नेता ने उठाए सवाल, गरमाई सियासत

Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर कांग्रेस नेता योगेंद्र साव की टिप्पणी को लेकर झारखंड में सियासी विवाद बढ़ गया है. JMM ने बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से कार्रवाई की मांग की है.

हेमंत सोरेन पर योगेंद्र साव की टिप्पणी से झारखंड की सियासत गरमाई.

(PC: भारत एक्सप्रेस)

Edited by Shubhra Rai

Jharkhand News: झारखंड में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के बीच एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवाद सामने आया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर की गई टिप्पणी के बाद JMM ने नाराजगी जताई है. मामले को लेकर JMM के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे ने कांग्रेस नेतृत्व से साव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

योगेंद्र साव ने हेमंत सोरेन को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘भ्रष्टतम मुख्यमंत्री’ बताया था. साथ ही उन्होंने सरकार के कामकाज और अधिकारियों को लेकर भी सवाल उठाए. साव के बयान पर JMM ने आपत्ति जताते हुए इसे गठबंधन के लिए उचित नहीं बताया है. वहीं, कांग्रेस की अनुशासन समिति ने भी साव को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है.

योगेंद्र साव के बयान से फिर गरमाई झारखंड की सियासत

झारखंड में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के बीच एक बार फिर बयानबाजी को लेकर तल्खी बढ़ती नजर आ रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखी टिप्पणी की, जिसके बाद JMM ने कड़ा ऐतराज जताया है. साव ने हेमंत सोरेन को ‘भ्रष्टतम मुख्यमंत्री’ बताते हुए सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए हैं.

JMM ने कांग्रेस से कार्रवाई की मांग की

योगेंद्र साव के बयान पर JMM के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे ने कांग्रेस नेतृत्व से कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि कांग्रेस और JMM झारखंड की गठबंधन सरकार में सहयोगी दल हैं, ऐसे में गठबंधन के मुख्यमंत्री के खिलाफ इस तरह की सार्वजनिक टिप्पणी को लेकर पार्टी नेतृत्व को संज्ञान लेना चाहिए. JMM ने इस मामले को कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के सामने भी उठाया है.

सरकार पर गंभीर आरोप लगाने का दावा

योगेंद्र साव ने मुख्यमंत्री पर टिप्पणी के साथ ही सरकार के कामकाज को लेकर भी कई आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि सरकार पर संकट आने पर अधिकारियों को बलि का बकरा बनाया जाता है. साव ने झारखंड के ‘जल, जंगल और जमीन’ को कॉरपोरेट कंपनियों को सौंपे जाने का भी आरोप लगाया. हालांकि, ये साव के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता.

कांग्रेस ने भी मांगा जवाब

विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस की प्रदेश अनुशासन समिति ने योगेंद्र साव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. उनसे तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब देने और समिति के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है. कांग्रेस ने साव की टिप्पणी को लेकर संगठनात्मक अनुशासन के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है.

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

योगेंद्र साव और हेमंत सोरेन के बीच बयानबाजी का यह विवाद नया नहीं है. मार्च 2026 में भी साव को हेमंत सोरेन और गठबंधन सरकार के खिलाफ लगातार बयानों को लेकर कांग्रेस से निष्कासित किया गया था. बाद में जून में पार्टी ने उनका निष्कासन वापस ले लिया था. अब एक बार फिर मुख्यमंत्री पर टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने उन्हें नोटिस जारी किया है.

गठबंधन के लिए फिर खड़ी हुई चुनौती

योगेंद्र साव के ताजा बयान ने झारखंड में कांग्रेस और JMM के रिश्तों को लेकर नई बहस छेड़ दी है. एक तरफ JMM कांग्रेस नेतृत्व से कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं कांग्रेस ने भी अपने नेता से स्पष्टीकरण मांगा है. ऐसे में अब निगाहें योगेंद्र साव के जवाब और कांग्रेस के अगले कदम पर हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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