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उत्तराखंड में बैकडोर भर्ती के मामले ने तूल पकड़ा,दो मंत्रियों पर गिर सकती है गाज

उत्तराखंड में बैकडोर भर्ती के मामले ने तूल पकड़ा,दो मंत्रियों पर गिर सकती है गाज

उत्तराखंड में बैकडोर भर्ती के मामले ने तूल पकड़ा,दो मंत्रियों पर गिर सकती है गाज

देहरादून – उत्तराखंड यूकेएसएसएससी (UKSSSC) की विश्वसनीयता पर उठे सवालों के बाद देखते हुए सरकार ने आयोग की पांच परीक्षाएं रद कर दी हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि दोबारा आवेदन करने के लिए फीस नहीं रखी गयी है मुक्त रखा है। यूकेएसएसएससी (UKSSSC) पेपर लीक से लेकर विधानसभा बैकडोर भर्ती पर उत्तराखंड में बीजेपी सरकार की जमकर अवहेलना हो रही है। सीएम धामी कोई बड़ा एक्शन ले सकते हैं।एसटीएफ की जांच में पता चला है कि भर्तियों में नेताओं और अफसरों की खूब चली जिन्होंने अपने-अपने चहेतों और परिचितों को भर्ती करवाया.इससे पहले उत्तराखंड के एक मंत्री गणेश जोशी खुद इस आयोग को भंग करने की मांग कर चुके हैं.

बीजेपी हाईकमान भी भर्ती घोटाले पर नजर बनाए हुए है. इस बारे में उत्तराखंड सरकार से अपडेट्स लिए जा रहे हैं।  घोटाले पर नाम सामने आने पर हाईकमान ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को दिल्ली भी तलब किया था, जबकि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भी पार्टी के आला नेताओं के सामने अपना पक्ष रख चुकी हैं।

कुछ विधायकों ने सीएम धामी कैबिनेट में जगह बनाने के लिए लॉबिंग भी शुरू कर दी है.  हालांकि, कैबिनेट मंत्रियों पर फैसला बीजेपी हाईकमान सीएम धामी की रजामंदी के बाद ही लेगा। पेपर लीक मामले में जहां एसटीएफ जांच कर रही है. तो दूसरी ओर, विधानसभा में बैकडोर भर्ती का मामला सामने आने पर स्पीकर ऋतु खंडूरी ने जांच बैठा दी है.भर्ती घोटाले के बाद उत्तराखंड में सियासी माहौल काफी गरमा गया है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां आपस में वार पर पलटवार करने में लगी हुईं हैं. ऐसे में धामी सरकार सख्त एक्शन लेने के मूड में दिखाई दे रही है.

इन कैबिनेट मंत्रियों की कुर्सी जाएगी?

सूत्रों पर यकीन करें तो पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और चंदन राम दास पर आने वाले दिनो में बीजेपी हाईकमान कुछ सख्त एक्शन ले सकता है. अग्रवाल का नाम बैकडोर भर्ती मामले से जुड़ने के बाद बीजेपी भी बैकफुट पर आ गई है.  जबकि कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास का भी स्वास्थ्य  किंही कारणों से कुछ खास परफॉरमेंस नहीं दिख रहा है. मीडिया रिपोर्ट की बात मानें तो भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने वाले सीएम धामी हाईमान की हामी के बाद कुछ एकशन ले सकते हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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