Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने क्रिश्चयन मिशेल की सुरक्षा फाइल गायब होने पर जताई चिंता, तिहाड़ जेल को रिपोर्ट देने का आदेश

अगस्ता वेस्टलैंड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी क्रिश्चयन जेम्स मिशेल की सुरक्षा से जुड़ी फाइल राऊज एवेन्यू कोर्ट में गायब होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई. कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन को 7 जुलाई तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.

AgustaWestland scam, Christian Michel

क्रिश्चयन मिशेल जेम्स

राऊज एवेन्यु कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कथित आरोपी क्रिश्चयन जेम्स मिशेल की सुरक्षा से संबंधित फाइल गायब होने पर चिंता जाहिर की है. कोर्ट ने कहा कि फ़ाइल गायब होना चिंता का विषय है. कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन से गायब फ़ाइल ढूढने का निर्देश दिया है. स्पेशल जज संजय जिंदल ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को 7 जुलाई तक रिपोर्ट दाखिला करने का निर्देश दिया है.

कोर्ट जेम्स की उस अर्जी पर सुनवाई कर रहा है. जिसमें जेल में उसके लिए सुरक्षा व्यवस्था पर 29 अगस्त 2019 की तिथि वाली जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया था. पिछली सुनवाई के दौरान जेल प्रशासन ने दावा किया था कि मिशेल ने लगभग छह साल के अंतराल के बाद अर्जी दाखिल की है. जेल प्रशासन ने अदालत को यह भी बताया था कि मिशेल द्वारा दाखिल अर्जी अनुमानों और अटकलों पर आधारित है.

क्रिश्चयन जेम्स मिशेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सुनवाई

उन्होंने यह भी कहा था कि वर्तमान में तिहाड़ की जेल नंबर चार में मिशेल बंद है और वह सुरक्षित है, उसे जान का कोई खतरा नही है. हालही में दिल्ली जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा था कि वह पांच-पांच लाख रुपए के निजी मुचलके और 10 लाख रुपए की नकद जमानत देने पर रिहा हो सकता है.

कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कर दिया था कि मिशेल को तत्काल अपना पासपोर्ट जमा कराए बिना नियमित जमानत पर रिहा किया जा सकता है. लेकिन उन्होंने एफआरआरओ को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि मिशेल देश छोड़कर न जाए.  इसके अलावा ब्रिटिश उच्चायोग यह सुनिश्चित करेगा कि उसका नया पासपोर्ट मिलने पर उसे विशेष अदालत में जमा हो.

उन्होंने यह भी निर्देश दिया था कि अपना नया पासपोर्ट मिलने पर उसे राऊज एवेन्यु कोर्ट के विशेष अदालत में जमा करें और उसे बिना अदालती अनुमति के जारी न करें साथ ही उसे अदालत के अन्य शर्तो का भी पालन करने का आदेश दिया है. जिसके तहत रिहाई के बाद हर 15 दिन में एक बार संबंधित जांच अधिकारी के कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराए और अपने आवासीय पते का भी विवरण भी दे. अगर पता में बदलाव होता है तो उसकी जानकारी अदालत व जांच अधिकारी को देगा. इसके साथ ही कोर्ट ने मिशेल की ओर से दायर याचिका का निपटारा कर दिया था.

ये भी पढ़ें: बटला हाउस बुलडोजर कार्रवाई पर रोक से हाईकोर्ट का इनकार, 11 जून को होगी सुनवाई

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital