दिल्ली में आज कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया गया. इस हमले को कांग्रेस ने गंभीर खुफिया विफलता करार दिया और शहीद जवानों एवं मारे गए नागरिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
बैठक के बाद जारी बयान में कांग्रेस ने उठाए कई अहम सवाल
बैठक के बाद जारी बयान में कांग्रेस ने कई अहम सवाल उठाए. पार्टी ने केंद्र सरकार से पूछा कि जब क्षेत्र में पहले से तनाव और खतरे की जानकारी थी, तो इतनी बड़ी आतंकी घुसपैठ कैसे संभव हो गई. कांग्रेस ने यह मांग की कि हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए और आतंकियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए.
पार्टी ने पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
इसके साथ ही पार्टी ने पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई अचानक रोक देने पर भी सवाल उठाया. कांग्रेस ने जानना चाहा कि आखिर यह निर्णय किस आधार पर लिया गया और सरकार ने इस पर देश को कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण क्यों नहीं दिया.
ट्रंप के बयान को लेकर भी कांग्रेस ने केंद्र को कठघरे में किया खड़ा
विशेष रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को लेकर भी कांग्रेस ने केंद्र को कठघरे में खड़ा किया, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि भारत पर व्यापारिक दबाव डालकर उन्होंने युद्धविराम सुनिश्चित किया. इस पर भारत सरकार की चुप्पी को कांग्रेस ने चिंताजनक और शर्मनाक बताया.
देश की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जा सकता-जयराम रमेश
बैठक में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बयान जारी करते हुए कहा, “देश की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जा सकता. अगर खतरे की जानकारी थी, तो सुरक्षात्मक कदम क्यों नहीं उठाए गए?” उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार केवल राष्ट्रवाद के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन जब जवाबदेही की बात आती है तो पीछे हट जाती है.
बैठक में उठा एक और अहम मुद्दा
बैठक में एक और अहम मुद्दा उठा – भाजपा नेता और मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह द्वारा एक महिला सेना अधिकारी पर की गई अपमानजनक टिप्पणी। कांग्रेस ने इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की और उनकी तत्काल बर्खास्तगी की मांग की.
कांग्रेस कार्य समिति ने अंत में एक प्रस्ताव किया पास
कांग्रेस कार्य समिति ने अंत में एक प्रस्ताव पास किया, जिसमें यह मांग की गई कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए, साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र भी आयोजित किया जाए. प्रस्ताव में कहा गया, “यह समय राजनीति करने का नहीं, पारदर्शिता और एकता दिखाने का है. देश को जवाब चाहिए, बहाने नहीं.
पहलगाम हमले के बाद कांग्रेस पार्टी पहले भी कर चुकी है दो बार बैठक
पहलगाम हमले के बाद कांग्रेस पार्टी से पहले भी दो बार बैठक कर चुकी है जिसमें सरकार के साथ खड़े रहने का प्रस्ताव पास किया गया था और सेना के शौर्य की बात की गई थी यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब देश में सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं, और राजनीतिक दलों के बीच एकजुटता की जरूरत सबसे अधिक है. कांग्रेस का यह रुख सरकार से राष्ट्रीय सुरक्षा नीति की मांग को दर्शाता है.
-भारत एक्सप्रेस
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