विपक्षी गठबंधन इंडिया
संसद के आगामी मानसून सत्र को लेकर विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक बुलाई है. यह बैठक पहले दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर प्रस्तावित थी, लेकिन कुछ प्रमुख नेताओं की अनुपलब्धता के चलते इसे ऑफलाइन से ऑनलाइन प्रारूप में बदल दिया गया है. इसका उद्देश्य सभी विपक्षी दलों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करना है.
प्रमुख नेताओं की पुष्टि
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, लगभग सभी प्रमुख विपक्षी नेताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे और डीएमके प्रमुख एम. के. स्टालिन ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की हामी भरी है. ये वे नेता हैं, जिन्होंने अल्प सूचना पर दिल्ली आने में असमर्थता जताई थी.
टीएमसी की वापसी
इस बैठक की एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पहली बार लोकसभा चुनावों के बाद इंडिया ब्लॉक की किसी बैठक में भाग लेने जा रही है. पार्टी सूत्रों ने बताया कि या तो पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी या उनके भतीजे और वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी बैठक में ऑनलाइन भाग लेंगे. यह महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि टीएमसी संसद के पिछले सत्रों में इंडिया ब्लॉक की बैठकों से दूरी बनाए रख रही थी.
‘आप’ अब इंडिया ब्लॉक का हिस्सा नहीं
जहां कई दल एकजुट हो रहे हैं, वहीं आम आदमी पार्टी (आप) की स्थिति अब स्पष्ट हो गई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भारत एक्सप्रेस से खास बातचीत में कहा कि ‘आप अब इंडिया ब्लॉक का हिस्सा नहीं है. यह गठबंधन केवल लोकसभा चुनाव तक सीमित था.’ इससे स्पष्ट हो गया है कि आम आदमी पार्टी अब विपक्षी एकता की इस छतरी का हिस्सा नहीं रहना चाहती.
चर्चा के मुख्य मुद्दे
शनिवार की बैठक का प्रमुख उद्देश्य मानसून सत्र के लिए एक साझा रणनीति बनाना है. इस बैठक में बिहार की राजनीतिक स्थिति, विशेषकर SIR और ऑपरेशन सिंदूर जैसे संवेदनशील मुद्दे मुख्य चर्चा का विषय होंगे. इन मुद्दों को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति बना सकता है.
लोकसभा चुनावों के बाद यह पहली बार है जब इंडिया ब्लॉक में नई हलचल देखने को मिल रही है. जहां टीएमसी की वापसी से गठबंधन को नई ऊर्जा मिल सकती है, वहीं ‘आप’ का बाहर होना भविष्य की रणनीति के लिए एक चुनौती भी बन सकता है. अब देखना होगा कि मानसून सत्र में यह विपक्षी गठबंधन संसद में किस हद तक एकजुट होकर सरकार के सामने मजबूती से खड़ा हो पाता है.
ये भी पढ़े: Chandan Mishra Murder: मुखिया का बेटा कैसे बना कुख्यात अपराधी! जेल में चंदन और शेरू क्यों बने जानी दुश्मन?
भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


