ग्रेटर नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सटे क्षेत्रों में तेजी से हो रहे अवैध निर्माण और कब्जों पर अब यमुना प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है. शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम ने गोपालगढ़ और मेहंदीपुर गांवों में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया. इस कार्रवाई में लगभग 4 लाख वर्ग मीटर भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 200 करोड़ रुपये बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट परियोजना के पास लंबे समय से कुछ व्यक्तियों द्वारा प्राधिकरण की जमीन पर अवैध कब्जा कर पक्के निर्माण किए जा रहे थे. बार-बार नोटिस देने और चेतावनी देने के बावजूद जब अतिक्रमणकारियों ने जमीन खाली नहीं की, तो प्राधिकरण ने पुलिस बल की मदद से कार्रवाई की.
इस दौरान मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात रही ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति से निपटा जा सके. यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट परियोजना और उससे जुड़ी अन्य विकास योजनाओं के लिए यह जमीन अत्यंत महत्वपूर्ण है. यदि समय रहते अवैध कब्जों को नहीं हटाया जाता, तो भविष्य में अधिग्रहण और विकास कार्यों में बड़ी बाधा उत्पन्न हो सकती थी. यही कारण है कि प्राधिकरण ने कठोर कदम उठाते हुए कब्जों को ध्वस्त किया.
जमीन की बढ़ती कीमतों का गलत फायदा
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कई महीनों से एयरपोर्ट क्षेत्र में जमीनों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग प्राधिकरण की जमीन पर अवैध कब्जे कर अपनी हिस्सेदारी बनाने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, आज की कार्रवाई के बाद यह साफ संदेश गया है कि किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. गौरतलब है कि जेवर एयरपोर्ट परियोजना एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक बनने जा रही है. इसके पूरा होने के बाद पूरे क्षेत्र में आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी. ऐसे में प्राधिकरण लगातार जमीन की सुरक्षा और अवैध कब्जों को हटाने पर जोर दे रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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