Empowerment of Minority Communities: अल्पसंख्यकों के राष्ट्रीय आयोग (एनसीएम) ने राज्य आयोगों के साथ मिलकर देश के अल्पसंख्यक समुदायों के शिक्षा, सामाजिक समावेशन और सशक्तिकरण के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की है. इस पहल को एक उच्चस्तरीय राष्ट्रीय सम्मेलन में पेश किया गया, जहाँ नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों और हितधारकों ने समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए ठोस रणनीतियों पर चर्चा की.
उद्घाटन सत्र: सरकार ने दोहराया प्रतिबद्धता
केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया और अल्पसंख्यक समुदायों के उत्थान के प्रति सरकार के दृढ़ संकल्प को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि भारत में अल्पसंख्यक कई पड़ोसी देशों की तुलना में अधिक सुरक्षित और समृद्ध हैं.
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित राज्य अल्पसंख्यक आयोगों के सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मोदी सरकार की अल्पसंख्यक विकास प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि नकारात्मक विचारों की बजाय सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है।
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— PB-SHABD (@PBSHABD) March 25, 2025
एनसीएम के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने अपने संबोधन में आयोग की भूमिका पर प्रकाश डाला और राज्य आयोगों के सर्वोत्तम प्रयासों को राष्ट्रीय नीतियों में शामिल करने का आश्वासन दिया.

मुख्य तकनीकी सत्र
1. शिक्षा: पहुँच और समर्थन सुनिश्चित करना
इस सत्र में अल्पसंख्यक छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों की चुनौतियों पर चर्चा हुई, विशेष रूप से ईसाई समुदाय के योगदान को रेखांकित किया गया.
2. समावेशन और कल्याण: सशक्तिकरण के लिए नीतिगत हस्तक्षेप
विशेषज्ञों ने समावेशी विकास के लिए लक्षित योजनाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया.
Shri @KirenRijiju Minister for Minority Affairs, attended the State Commissions for Minorities Conference as Chief Guest at Ambedkar International Center, New Delhi. He reaffirmed the govt’s commitment to #SabkaSaathSabkaVikas, emphasizing its efforts in minority empowerment. pic.twitter.com/x9jy3rjXSG
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केन्द्रीय मंत्री ने की सहयोगात्मक विकास की पैरवी
केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री किरेन रिजिजू ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) के तहत केरल में सफल उद्यमिता मॉडल का उदाहरण देते हुए इसे देशभर में लागू करने का आह्वान किया.

प्रमुख घोषणाएँ:
• राज्यों के अल्पसंख्यक मंत्रियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी.
• सशक्तिकरण योजनाओं के लिए धनराशि की समीक्षा की जाएगी.
• देशभर में ऐसे और सम्मेलन आयोजित किए जाएँगे.
Glimpses from the inaugural session of the Conference of the State Commissions for Minorities at Ambedkar International Center, New Delhi. Shri @GeorgekurianBjp, Hon’ble MoS Ministry of Minority Affairs, graced the occasion. #MinorityEmpowerment #InclusiveIndia@ILalpura pic.twitter.com/Zt4dI8B72U
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“सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत को दोहराते हुए रिजिजू ने कहा कि भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं और उन्हें समान अवसर प्राप्त हैं.
खुला संवाद: चुनौतियों का समाधान

सम्मेलन के अंत में एक संवाद सत्र आयोजित किया गया, जहाँ हितधारकों ने सुझाव साझा किए. लालपुरा ने अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण के लिए आयोग की प्रतिबद्धता दोहराई.
मुख्य बिंदु:
• राज्य और राष्ट्रीय आयोग समन्वित रणनीति बनाएंगे.
• शिक्षा, उद्यमिता और सामाजिक न्याय पर विशेष ध्यान.
• नीतियों को क्रियान्वित करने के लिए निरंतर संवाद जारी रहेगा.
यह सम्मेलन भारत के अल्पसंख्यक समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ.
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