विदेश यात्रा की तैयारी हो या नौकरी के लिए आवेदन, अब पासपोर्ट से जुड़ा एक और दस्तावेज़ आपके मोबाइल में सुरक्षित रहेगा. भारत सरकार ने नागरिकों की सुविधा बढ़ाते हुए पासपोर्ट वेरिफिकेशन रिकॉर्ड (PVR) को अब डिजीलॉकर (DigiLocker) प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा दिया है.
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने विदेश मंत्रालय (MEA) के सहयोग से इस पहल को शुरू किया है. इसका मुख्य उद्देश्य कागजी रिकॉर्ड्स पर निर्भरता को कम करना और सेवाओं को अधिक कागज़-रहित (Paperless) और संपर्क-रहित (Contactless) बनाना है.
क्या है नया अपडेट?
मंत्रालय ने बताया कि सफल वेरिफिकेशन के बाद, नागरिक अपने डिजीलॉकर खाते के ‘Issued Documents’ (जारी किए गए दस्तावेज़) सेक्शन में अपना PVR आसानी से प्राप्त कर सकेंगे. आप डिजीलॉकर मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल का उपयोग करके अपना PVR कभी भी डाउनलोड या चेक कर सकते हैं.
डिजीलॉकर के फायदे और विशेषताएं
डिजीलॉकर, डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत एक सुरक्षित, क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म है. यहां आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और शैक्षणिक प्रमाण-पत्र जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल दस्तावेज़ों को स्टोर और एक्सेस किया जाता है.
क्या है इस नई सुविधा का लाभ?
PVR सीधे सरकारी सिस्टम द्वारा डिजिटल रूप में जारी किया जाएगा, जिससे इसकी प्रामाणिकता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी और यह किसी भी तरह की छेड़छाड़ से सुरक्षित रहेगा. आप अपना PVR डिजिटल रूप से साझा कर सकते हैं. यह तत्काल वेरिफिकेशन की अनुमति देता है, जिससे फोटोकॉपी जमा करने या फाइलें ले जाने की ज़रूरत खत्म हो जाती है.
यह एक बड़ा कदम है जो आधिकारिक सत्यापन दस्तावेजों (OVD) की पहुंच और उपयोग को बढ़ाएगा, जिससे सरकारी सेवाएं नागरिकों के लिए अधिक विश्वसनीय और सुलभ बन जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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