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Shillong Book Fair 2024: शिलांग पुस्तक मेला आज से, इसमें दिखेगी मेघालय की समृद्ध साहित्यिक-सांस्कृतिक विरासत

पूर्वोत्‍तर भारत के राज्‍य मेघालय की राजधानी शिलांग स्थित स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी में 5 से 13 अक्टूबर तक शिलांग पुस्तक मेला लगेगा. राज्यपाल सी. एच. विजयशंकर इस मेले का उद्घाटन करेंगे.

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शिलांग पुस्तक मेले का दूसरा संस्करण आज से

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

भारत सरकार के नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया (NBT) की ओर से मेघालय की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ शिलांग पुस्तक मेले के दूसरे संस्करण की शुरूआत करा दी गई है. इस पुस्‍तक मेले का आयोजन 5 से 13 अक्टूबर 2024 के दौरान किया जा रहा है.

एनबीटी के पदाधिकारियों ने बताया कि शिलांग स्थित स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी में मेघालय के राज्यपाल सी. एच. विजयशंकर इस पुस्तक मेले का उद्घाटन करेंगे. इस आयोजन की औपचारिक घोषणा करने के लिए 4 अक्टूबर को शिलांग प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई. प्रेस कॉन्फ्रेंस को मेघालय सरकार के कला और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव फ्रेडरिक रॉय खारकोंगोर और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास-भारत (नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया) के निदेशक युवराज मलिक ने संबोधित किया.

नेशनल बुक ट्रस्ट के प्रयास सराहनीय: फ्रेडरिक रॉय

फ्रेडरिक रॉय खारकोंगोर ने पुस्तक मेले के आयोजन के लिए नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया के प्रयासों, खासकर आज के स्क्रीन-प्रधान समय में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने मेले में युवाओं के लिए मुफ्त करियर परामर्श सत्रों को शामिल करने की प्रशंसा करते हुए कहा, ”यह प्रयास युवाओं को सिविल सेवाओं और अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए आकांक्षा रखने के लिए प्रेरित करेगा.”

शिलांग पुस्तक मेला एक वार्षिक कैलेंडर कार्यक्रम

नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया के निदेशक युवराज मलिक ने जोर देकर कहा, ”शिलांग पुस्तक मेले के प्रथम संस्करण की सफलता के बाद, शिलांग पुस्तक मेला अब एक वार्षिक कैलेंडर कार्यक्रम बन गया है. इस वर्ष के मेले में प्रदर्शक स्टॉलों की संख्या में वृद्धि और छात्रों और युवा वयस्कों के लिए विशेष कौशल-आधारित गतिविधियाँ शामिल हैं. उन्होंने युवा पीढ़ी को किताबों और कहानी कहने की दुनिया से परिचित कराने और उन्हें अत्यधिक गैजेट के इस्तेमाल से दूर रखने के मेले के उद्देश्य पर प्रकाश डाला.”

मेले में लगेगी राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय स्टॉल

इस अवसर पर राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय स्टॉल के बारे में बताते हुए युवराज ने कहा कि यह एक डिजिटल लाइब्रेरी पहल है. मेले में आने वाले पाठक राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय एप्लिकेशन को डाउनलोड कर सकते हैं और विभिन्न भारतीय भाषाओं में 1,000 से अधिक पुस्तकों और शैक्षिक संसाधनों तक नि:शुल्क पहुँच सकते हैं. पुस्तकों और संस्कृति के इस सप्ताह भर के उत्सव में लगभग 100 स्टॉल होंगे, जो विभिन्न भारतीय भाषाओं और शैलियों की पुस्तकों की एक विस्तृत विविधता को प्रदर्शित करेंगे. पुस्तक प्रेमी पुस्तक मेले में पेंगुइन रैंडम हाउस, साइमन एंड शूस्टर, पैन मैकमिलन, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत, वुडपेकर, कैम्ब्रिज बुक डिपो जैसे कई प्रकाशकों की पुस्तकें देख और खरीद सकते हैं.

साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियां

शिलांग पुस्तक मेले में पूरे सप्ताह साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आयोजन होगा. पुस्तक मेले की शुरुआत स्कूली बच्चों के साथ बाल मंच में मनोरंजक गतिविधियों से होगी, जिसमें कर्सिव राइटिंग सेशन, संगीतमय कहानी वाचन, कठपुतली बनाने की कार्यशालाएँ, आत्मरक्षा कक्षाएँ, कैरिकेचर ड्राइंग, वैदिक गणित और बहुत कुछ शामिल है. बच्चे ड्राइंग, पोस्टर-मेकिंग और पोर्ट्रेट-मेकिंग कार्यशाला में भी भाग ले सकेंगे. यहाँ युवा पाठकों के लिए अनेक आकर्षक कार्यक्रम होंगे. मेघालय ताइक्वांडो एसोसिएशन, वसुधा आहूजा, कुणाल शांडिल्य, विवेक कुमार और सीमा वाही जैसे विशेषज्ञ इन गतिविधियों का मार्गदर्शन करेंगे.

युवाओं के लिए रोमांचक और रचनात्मक अवसर

दोपहर में साहित्यिक मंच में चहल-पहल रहेगी, जिसमें पैनल चर्चाएँ और पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम होंगे, जो लेखकों और साहित्यिक हस्तियों को पाठकों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा. इसके बाद युवाओं के लिए एक ओपन माइक सत्र होगा, जहाँ कॉलेज के छात्र कविता, संगीत जैसे प्रदर्शन द्वारा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं. यह कार्यक्रम युवाओं को रोमांचक और रचनात्मक अवसर प्रदान करेगा.

क्षेत्र के लोकप्रिय कलाकार करेंगे मनमोहक प्रदर्शन

शाम को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों होंगी, जिनमें मेघालय के लोकप्रिय कलाकारों द्वारा मनमोहक प्रदर्शन शामिल होंगे. दर्शक गीतांजलि नृत्य अकादमी द्वारा पारंपरिक शास्त्रीय लोक नृत्यों का आनंद भी ले सकेगे. पेंटर ऑर्केस्ट्रा, कलर्स बैंड, कुपर शदाप बैंड, अलाइव बैंड जैसे समूहों द्वारा लाइव वाद्य संगीत और बांसुरी वादन और ड्रम वादन जैसे कार्यक्रम सभी को आकर्षित करेंगे. ये प्रदर्शन मेघालय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाएंगे, जिनके माध्यम से इस क्षेत्र के विविध कला रूपों को एक साथ लाने का प्रयास किया जाएगा.

पुस्‍तक मेले में सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश निःशुल्क

यह पुस्तक मेला 5 से 13 अक्टूबर 2024 तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी-शिलांग में सभी के लिए खुला रहेगा. सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश निःशुल्क है और पुस्तकों पर 10 प्रतिशत की छूट होगी.

– भारत एक्‍सप्रेस



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