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पश्चिम बंगाल एसआईआर में लगे न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा जारी रखने का सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों को कथित रूप से बंधक बनाए जाने के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्था जारी रखने का आदेश दिया है.

Supreme Court

पश्चिम बंगाल एसआईआर के दौरान न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिए गए स्वतः संज्ञान पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था जारी रखने का आदेश दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एनआईए की तैनाती जारी रहेगी. साथ ही कोर्ट ने पश्चिम बंगाल पुलिस कमिश्नर, डीजीपी से कहा कि न्यायिक अधिकारियों को दी गई सुरक्षा तब नही नही हटेगी, जब तक कोर्ट इस मामले में आदेश न दे.

सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ मामले में सुनवाई कर रही है. मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने बताया कि हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से आज ही पत्र प्राप्त हुआ है. इसमें  अन्य बातों के साथ-साथ यह उल्लेख किया गया है कि एसआईआर प्रक्रिया फरवरी के पहले सप्ताह में शुरू की गई थी. 60 लाख आपत्तियों पर निर्णय लेने का कठिन कार्य पूरा हो चुका है. तकनीकी कारणों से 1823 आपत्तियां लंबित हैं.

मुख्य न्यायाधीश ने अपने पत्र में कहा है कि हमारे आदेश के सम्मान में अपीलों की सुनवाई के लिए तीन पूर्व मुख्य न्यायाधीशों की एक समिति गठित की गई थी. गठित समिति ने सभी न्यायिक अधिकारियों द्वारा पालन की जाने वाली एसओपी विकसित की है.

जस्टिस बागची ने लंबित मामलों पर जताई गंभीर चिंता

पश्चिम बंगाल की ओर से पेश कल्याण बनर्जी ने कहा कि जितने भी मतदाता संबंधी लंबित मामले है. उनका निपटारा  जल्द किया जाए. बनर्जी ने कहा कि 16 लाख अपीलें लंबित है. इन्हें वोट देने दिया जाए. इसपर जस्टिस बागची ने कहा कि सीजे ने हमें रिपोर्ट किया है कि अपीलें 3435000 के करीब लंबित है. पिछली सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि आपकी और पुलिस की नाकामी की वजह से यह काम न्यायिक अधिकारियों को देना पड़ा. पश्चिम बंगाल की नौकरशाही की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे है. कृप्या राज्य की छवि सुधारने में मदद कीजिए, हमें मजबूर मत कीजिए.

सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के अन्तर्गर्त मिले शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए मामले को स्थानीय पुलिस से एनआईए को ट्रांसफर करने का आदेश दिया था. साथ ही कोर्ट ने मामले में दर्ज एफआईआर से संबंधित दस्तवेज़ों को एनआईए को सौपनें का आदेश दिया था.

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-भारत एक्सप्रेस



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