सुप्रीम कोर्ट ने 2005 के पुलिस हिरासत में मौत मामले में सीबीआई की अपील पर सुनवाई करते हुए बरी किए गए आरोपियों को नोटिस जारी किया है और 19 मई को अगली सुनवाई तय की है.
दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट तैयार
सुप्रीम कोर्ट ने साल 2005 में पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में सीबीआई की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने बरी किए गए आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट 19 मई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
सीबीआई ने केरल हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है, जिसमें निचली अदालत द्वारा पांच लोगों को दोषी ठहराने के आदेश को रद्द कर दिया था.
कोर्ट ने पुलिकर्मियों को सजा सुनाई थी
निचली अदालत ने पांच दोषियों में से दो पुलिकर्मियों को मौत की सजा सुनाई थी. मौत की सजा पाने वाले आरोपियों में से एक की केरल हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जिसके चलते उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई. बता दें कि 27 सितंबर 2005 को तिरुवनंतपुरम के श्रीवेंकटेश्वरम पार्क से उदयकुमार के एक कबाड़ मजदूर को पोलिस उठा ले गई. उसे फोर्ट पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उसकी देर रात मौत हो गई.
रिपोर्ट में चौका देने वाला खुलासा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ वह चौकाने वाला था. उदयकुमार की जांघों पर इतनी गहरी चोटें थी, जो उसकी मौत की कारण बनी. रिपोर्ट से साफ था कि पुलिस कर्मियों ने उसकी जमकर पिटाई की है. पुलिसकर्मियों पर आरोप यह भी था कि मौत के बाद बड़े अफसरों ने मिलकर सबूत मिटाए, रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की और पूरे मामले को दबाने की कोशिश की.
अभियोजन पक्ष के मुताबिक एक कांस्टेबल ने उदयकुमार को बेंच पर लिटाकर पीटा और जांघों पर पाइप से दबाव डालकर गंभीर चोटें पहुचाई. जबकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने घटना को दबाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के जरिये रिकॉर्ड में हेरफेर की.
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-भारत एक्सप्रेस
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