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‘चंदा’ बनेगा टिकट का आधार: ‘खाली खजाना’ भरने सड़कों पर उतरेंगे कांग्रेसी, राहुल गांधी करेंगे कैंपेन की शुरूआत

मध्यप्रदेश कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए ‘आर्थिक सहयोग’ अभियान शुरू किया है. जीतू पटवारी ने हर विधानसभा में 30 हजार परिवारों से 100-100 रुपये लेने का लक्ष्य रखा है. राहुल गांधी इस अभियान को लॉन्च करेंगे.

MP Congress Fundraising rahul gandhi will start Campaign

MP Congress Fund: अजय भटनागर/भोपाल: मध्यप्रदेश में पिछले कई वर्षों से विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस अब एक नए संकट से जूझ रही है. वो संकट है ‘आर्थिक तंगी’ और ‘संगठनात्मक कमजोरी’. पार्टी के बड़े नेता भी इस बात को समझते हैं कि बिना मजबूत आर्थिक आधार और कार्यकर्ताओं की सक्रियता के, बीजेपी की विशाल मशीनरी का मुकाबला करना नामुमकिन है. इसी कमजोरी को दूर करने के लिए मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक बड़ा दांव खेला है. अब कांग्रेस जनता के बीच जाकर सीधे आर्थिक सहयोग मांगेगी.

30 हजार परिवार और 100 रुपये का फॉर्मूला

राजधानी भोपाल में ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों के एक बड़े सम्मेलन को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने साफ कर दिया कि अब संगठन में ‘बैठने’ वालों की जगह नहीं होगी, बल्कि ‘दौड़ने’ वालों को तवज्जो मिलेगी. उन्होंने योजना पेश करते हुए कहा कि पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र में 30 हजार परिवारों तक पहुंचेगी. कार्यकर्ता इन परिवारों से संपर्क करेंगे और पार्टी फंड के लिए मात्र 100-100 रुपये का सहयोग मांगेंगे.

पटवारी का मानना है कि जो व्यक्ति पार्टी को 100 रुपये देगा, वो भावनात्मक रूप से भी कांग्रेस से जुड़ेगा. ये फंड कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और पार्टी की जमीनी गतिविधियों पर ही खर्च किया जाएगा.

‘चंदा’ बनेगा टिकट का आधार

जीतू पटवारी ने नेताओं को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, ‘अगर आप 30 हजार परिवारों को नहीं जोड़ सकते, तो आप वो विधानसभा कभी नहीं जीत सकते.’ उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी के पास हजारों करोड़ रुपये हैं, फिर भी वो तमाम तरह से चंदा लेती है. हमारे पास संसाधन कम हैं, इसलिए हम जनता से व्यवस्था बदलने के लिए सहयोग मांग रहे हैं.

खास बात ये है कि इस कार्यक्रम को खुद राहुल गांधी लॉन्च करेंगे. इतना ही नहीं, जो नेता इस अभियान में जितना सफल होगा, चुनाव में उम्मीदवार चयन के वक्त उसे उतना ही मजबूत दावेदार माना जाएगा. यानी अब ‘चंदा उगाही’ ही टिकट का पैमाना बन सकती है.

डेटा का खेल

कांग्रेस की इस कवायद के पीछे सिर्फ पैसा ही नहीं, बल्कि ‘डेटा’ का बड़ा गणित भी छिपा है. चंदा देने वाले परिवारों की जानकारी का उपयोग चुनाव के दौरान वोटर्स को साधने और फीडबैक लेने में किया जाएगा. इस मुहिम में जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक के पदाधिकारियों, वर्तमान विधायकों और पूर्व विधायकों को जुटने के निर्देश दिए गए हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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