एआई समिट (AI Summit) के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में यूथ कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी निगम भंडारी को गिरफ्तारी का डर सताने लगा है. जिसके उन्होंने पटियाला हाउस कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, जिसपर सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है.
कब होगा फैसला?
पटियाला हाउस कोर्ट निगम की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर 27 फरवरी को फैसला सुनाएगा. इससे पहले गिरफ्तार पांच लोगों की रिमांड की अवधी की एक मार्च तक के लिए बढ़ा दिया है. जिनकी रिमांड की अवधि बढ़ाई गई उनमें कृष्ण हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार, जितेंद्र यादव और नरसिम्हा यादव शामिल है.
वहीं, पुलिस ने कोर्ट को बताया कि सिद्धार्थ नाम के एक व्यक्ति ने टीशर्ट प्रिंट और डिजाइन की थी. उसे हिमाचल में पकड़ा गया है और उसे यहां लाने की कार्रवाई चल रही है. फिर उसका दोबारा आमना-सामना कराया जाना है. इसके लिए हमें ज्यादा दिनों की कस्टडी चाहिए.
7 साल से कम की सजा का प्रावधान
पिछली सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील ने कहा था कि विपक्षी राजनीतिक दल से संबद्ध आरोपियों ने भारत मंडपम में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था और किसी को चोट नहीं पहुचा. उन्होंने यह भी कहा था कि सभी आरोपों में सात साल से कम की सजा का प्रावधान है.
आरोपियों के वकील ने पुलिस रिमांड का विरोध करते हुए गिरफ्तारी को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था. उन्होंने कहा था कि गिरफ्तारी लोकतंत्र की गरिमा को कम करने वाली है. अगर प्रदर्शन के चलते गिरफ्तारी होने लगी तो संसद में प्रदर्शन करने वाले नेताओं को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए.
ये भी पढ़ें: NCERT द्वारा न्यायपालिका को भ्रष्टाचार बताना आपराधिक अवमानना के दायरे में आता है: सुप्रीम कोर्ट
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



