दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के मामले में तिहाड़ जेल में बंद यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता सिद्धार्थ अवधूत को रिहा करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने 5 मार्च को उन्हें जमानत दे दी थी. अब जमानत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी रिहाई हो गई है.
गिरफ्तारी और पुलिस का आरोप
सिद्धार्थ अवधूत को हिमाचल प्रदेश के शिमला से गिरफ्तार किया गया था. दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन में इस्तेमाल की गई टी-शर्ट्स के डिजाइन और प्रिंटिंग में उनकी मुख्य भूमिका थी. पुलिस उन्हें मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक मानती है.
अन्य कार्यकर्ताओं को पहले मिली जमानत
इससे पहले कोर्ट ने यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानू चिब समेत 9 अन्य कार्यकर्ताओं को जमानत दी थी. इनमें कृष्णा हरि, कुंदन यादव, नरसिम्हा यादव, अजय सिंह, सौरभ, अरबाज खान, अजय कुमार विमल, राजा गुर्जर और जितेंद्र यादव शामिल हैं. ये सभी जेल से बाहर आ चुके हैं.
पुलिस की दलील और कोर्ट की सुनवाई
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि एआई समिट में विदेशी मेहमान मौजूद थे. प्रदर्शन जानबूझकर ऐसी जगह पर किया गया, जबकि जंतर-मंतर जैसी जगह उपलब्ध थी. पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए. संविधान में प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन उसमें कुछ शर्तें भी हैं. पुलिस का दावा है कि यह सामान्य प्रदर्शन नहीं था.
यह मामला फरवरी 2026 में भारत मंडपम में हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट से जुड़ा है. यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर टी-शर्ट्स पर स्लोगन दिखाए थे, जो केंद्र सरकार के खिलाफ थे. इस घटना ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था. अब सिद्धार्थ की रिहाई से मामले में एक और मोड़ आया है.
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