साकेत कोर्ट ने अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी व अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी की ओर से दायर याचिका पर ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट 27 मार्च को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. जवाद अहमद सिद्धिकी ने अर्जी दाखिल कर चार्जशीट से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है. साथ ही कोर्ट ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी की न्यायिक हिरासत की अवधी को 14 दिन के लिए बढ़ा दिया है.
140 करोड़ रुपए की संपत्तियां
ईडी ने अल फलाह यूनिवर्सिटी की लगभग 140 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अटैच कर दिया है. यह विश्वविद्यालय 10 नवंबर को लाल किला कार ब्लास्ट के बाद एजेंसियों के राडार पर आया था. दाखिल चार्जशीट में अल फलाह यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्धिकी और अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट को आरोपी बनाया गया है. अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था.
ईडी का आरोप है कि अल फलाह ट्रस्ट द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों ने बिना वैध मान्यता और मानक पूरे किए छात्रों को दाखिला देकर उनसे फीस वसूली. अपराध से प्राप्त धन का एक हिस्सा फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में स्थित इस विश्वविद्यालय की इमारतें, स्कूलों, विभागों से संबंधित इमारतें और हॉस्टल को जब्त कर लिया गया है. सिद्धिकी पर करीब 415 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज है.
क्या बोले दोनों पक्ष?
सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया था कि छात्रों को आकर्षित करने के लिए फर्जी एनएएसी और यूजीसी मान्यता के दावा किया गया है. ईडी ने यूनिवर्सिटी द्वारा वसूले गए 415 करोड़ रुपए की फीस को अपराध से अर्जित धन बताया है. ईडी ने यह भी कहा था कि आरोपी सिद्धिकी पूरे वित्तीय संचालन को नियंत्रित करता था. वही बचाव पक्ष की ओर से पेश वकील ने दर्ज सभी एफआईआर को झूठा और मनगढ़ंत बताया था.
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माना जा रहा है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल फर्जी लेनदेन और हवाला कारोबार में किया गया. अल फ़लाह ट्रस्ट और उससे जुड़े संस्थानों का भी पूरा ब्यौरा खंगाला जा रहा है. उसकी 9 शेल कंपनियां एक ही पते पर पाई गई, लेकिन उनमें कोई काम नहीं हो रहा था. सिद्धिकी को यूनिवर्सिटी परिसर में मिले साक्ष्यों की जांच और विश्लेषण के बाद ईडी ने गिरफ्तार किया गया हैं.
ED की कार्रवाई में क्या मिला?
अल फलाह यूनिवर्सिटी के परिसरों और अल फ़लाह समूह के प्रमुख व्यक्तियों के आवासीय परिसरों सहित 19 स्थानों पर तलाशी ली थी. ईडी के मुताबिक साक्ष्यों से पता चलता है कि ट्रस्ट ने करोड़ों रुपए पारिवारिक स्वामित्व वाली संस्थाओं में स्थानांतरित किए हैं. ईडी तलाशी के दौरान 48 लाख रुपये से अधिक नकद, कई डिजिटल उपकरण और दस्तावेजों को जब्त किया है.
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