Surendra Koli Suicide: देश भर में सनसनी फैला देने वाले बहुचर्चित 2006 के निठारी कांड (Nithari Case) के मुख्य आरोपी रहे सुरेंद्र कोली से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. उत्तराखंड के हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में सुरेंद्र कोली ने फांसी लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है. उसका शव हरिद्वार के उत्तरी क्षेत्र भूपतवाला में लालमाता मंदिर के सामने एक चाय के खोखे (दुकान) में रस्सी के सहारे फंदे पर लटका हुआ मिला है.
चाय की दुकान चला रहा था सुरेंद्र कोली (Surendra Koli suicide Haridwar)
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था और सप्त सरोवर रोड पर लालमाता मंदिर के सामने एक चाय की दुकान किराए पर लेकर चला रहा था. सोमवार सुबह शहर कोतवाली की सप्त ऋषि पुलिस चौकी पर सूचना मिली कि उक्त चाय के खोखे में एक व्यक्ति ने फांसी लगा ली है. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण के मंगरुखाल गांव निवासी सुरेंद्र कोली के रूप में की.
साल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने कर दिया था बरी (Surendra Koli tea stall Haridwar)
गौरतलब है कि साल 2006 में नोएडा के निठारी गांव में हुए भीषण हत्या और दुष्कर्म कांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. इस मामले में निचली अदालत और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई थी. हालांकि, साल 2015 में अदालत ने उसकी फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था, और इसके बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को इस मामले से बरी कर दिया था. बरी होने के बाद से वह गुमनाम जिंदगी बिता रहा था और हरिद्वार में चाय बेचकर गुजारा कर रहा था.
पुलिस जांच और पारिवारिक कलह की आशंका (Surendra Koli suicide Case)
शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि शुरुआती जांच में पुलिस पारिवारिक कलह को आत्महत्या की वजह मान रही है. हालांकि, मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस ने मृतक के परिजनों (अल्मोड़ा निवासी स्वजनों) को घटना की सूचना दे दी है और हर एंगल से मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




