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YSR कांग्रेस का फेसबुक पेज ब्लॉक; आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने केंद्र और मेटा को जारी किया नोटिस

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने वाईएसआर कांग्रेस की उस याचिका पर केंद्र सरकार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और मेटा (फेसबुक) को नोटिस जारी किया है, जिसमें पार्टी के आधिकारिक फेसबुक पेज को भारत में ब्लॉक किए जाने को चुनौती दी गई है.

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने वाईएसआर कांग्रेस की उस याचिका पर केंद्र सरकार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौधोगिकी मंत्रालय, मेटा (फेसबुक) को नोटिस जारी किया है, जिसमें पार्टी के आधिकारिक फेसबुक पेज को ब्लॉक किए जाने को चुनौती दी है.

मुख्य न्यायाधीश लिसा गिल और जस्टिस आर. रघुनंदन राव की खंडपीठ ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट 13 अगस्त को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. कोर्ट ने मेटा को व्यक्तिगत रूप से नोटिस तामील कराने की भी अनुमति दी है.

दायर याचिका में वाईएसआर कांग्रेस ने दावा किया है कि उसके फेसबुक पेज पर केवल वैध राजनीतिक सामग्री मौजूद है, जिसमें सरकार की नीतियों पर टिप्पणी, पार्टी की गतिविधियां और मतदाताओं से संवाद शामिल है. पार्टी का कहना है कि यह सामग्री न केवल भारत में उसके समर्थकों तक पहुचती है, बल्कि दुनिया भर में मौजूद उसके अनुयायियों को भी राज्य की राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी देती है. इसलिए यह प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अनुचित प्रतिबंध है.

मेटा द्वारा फेसबुक पेज ब्लॉक करने की सूचना

याचिकाकर्ता के अनुसार 9 जून 2026 को मेटा ने उसे सूचित किया कि भारत में उसके पूरे फेसबुक पेज ब्लॉक कर दिया गया है. मेटा द्वारा दिए गए मैसेज में कहा गया है, यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम,2000 की धारा 79(3)(b) के तहत की गई शिकायत के बाद कि गई है.

दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि नोटिस में कई जानकारियां दी गई है. न तो किसी विशेष पोस्ट, वीडियो या सामग्री का उल्लेख किया गया है, जिसे आपत्तिजनक माना गया हो, न ही उस सरकारी ऑथोरिटी का नाम बताया गया है, जिसकी शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है. इसके अलावे किसी कानूनी प्रावधान के उल्लंघन का स्पष्ट विवरण भी नही दिया गया है. साथ फेसबुक पेज ब्लॉक करने से पहले पार्टी को ना तो कोई कानूनी नोटिस दिया गया है और ना ही सुनवाई के मौका दिया गया.

दायर याचिका में कहा गया है कि फेसबुक द्वारा की गई इस कार्रवाई से पार्टी का भारत में लाखों समर्थकों से संवाद टूट गया है, राजनीतिक गतिविधियों के दौरान उसकी पहुच सीमित हो गई है और लोकतांत्रिक भागीदारी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. पार्टी ने इसे पूरी तरह गोपनीय तरीके से की गई कार्रवाई बताते हुए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है.

पार्टी ने अदालत से यह भी अनुरोध किया है कि मेटा को निर्देश दिया जाए कि वह केंद्र सरकार या किसी अन्य प्राधिकरण से प्राप्त सभी नोटिस, आदेश और संचार की प्रतियां उपलब्ध कराए, जिनके आधार पर फेसबुक पेज को भारत मे ब्लॉक किया गया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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