पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल.
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की आने वाले समय में मुश्किलें बढ़ सकती है. ईडी ने स्पष्ट किया है कि समन तामिल ना करने के मामले में निचली अदालत द्वारा बरी किए जाने के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती देगी.
ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस. वी राजू ने कोर्ट को बताया कि वह ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देगा, जिसमें अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में एजेंसी के समन का पालन न करने के आरोप से जुड़े दो मामलों में बरी किया गया था.
एएसजी एसवी राजू ने यह बात तब कही है जब केजरीवाल की 2024की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कही है, जिसमें उन्होंने ईडी द्वारा जारी समन को चुनौती दी थी. दिल्ली शराब नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए ईडी ने केजरीवाल को कई बार समन जारी किया था. लेकिन उसके बावजूद केजरीवाल ईडी के समक्ष पेश नही हुए थे. जिसके बाद ईडी ने राऊज एवेन्यु कोर्ट में केजरीवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. ईडी की शिकायत पर निचली अदालत ने केजरीवाल को दो समन जारी किए थे.
कोर्ट में ईडी का सख्त रुख
मामले की सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश वकील जोहेब हुसैन ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करने पर आपत्ति जताई थी. उन्होंने कहा था कि इस तरह की मांग को लेकर दायर याचिका पहले खारिज हो चुकी है. दूसरा पुनर्विचार याचिका पर विचार नही किया जा सकता है. ईडी ने 21 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए केजरीवाल को गिरफ्तार किया था.
ईडी का आरोप है कि आबकारी नीति को जानबूझकर आप नेताओं को लाभ पहुचाने और कार्टेल गठन को बढ़ावा देने के लिए आप नेताओ को छूट, लाइसेंस शुल्क माफी के बदले शराब कारोबारियों से रिश्वत लेने का आरोप लगाया है. रिश्वत का पैसा को गोवा चुनाव में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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