Calcutta High Court: पश्चिम बंगाल के चोरबागान भगदड़ मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने जांच की निगरानी से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा राज्य सरकार पूर्व जज से जांच करा सकती है. इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह 17 अक्टूबर को चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की जांच के लिए आयोग गठित करने का निर्देश दिया था. इस घटना में 19 लोगों की मौत हो गई
गठित आयोग की अध्यक्षता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे
हाई कोर्ट ने कहा था कि राज्य सरकार द्वारा गठित आयोग की अध्यक्षता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे. आदलत ने कहा था कि नवगठित आयोग इस बात की गहराई से छानबीन करेगा कि आखिर इस त्रासद घटना के मूल कारण क्या थे और इसके लिए कौन लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार है. आयोग का मुख्य उद्देश्य यह स्पष्ट करना होगा कि उत्सव स्थल पर अचानक कैसे बेकाबू हुए और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई थी. इससे पहले इस मुद्दे पर राजनीतिक हलकों में भी विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई थी, जिसके बाद अदालत ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अहम फैसला सुनाया था.
पुलिस व्यक्ति की तलाश कर रही
वहीं, कोलकाता पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसने कथित तौर पर पंडाल का एक हिस्सा गिरने की अफवाह फैलाई थी. पुलिस का मानना है कि इसी एक अफवाह की वजह से वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं में अचानक भगदड़ मच गई. घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है जिससे पंडाल गिरने की बात सबीत होती हो. उतरी कोलकाता के इस पंडाल में शनिवार को यह घटना घटी थी.
राज्य सरकार ने शुरुआत में मुख्य न्यायाधीश से संपर्क करके आयोग का प्रमुख बनाने के लिए हाई कोर्ट के एक कार्यरत न्यायाधीश को नियुक्त करने की अनुमति मांगी थी. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि इस घटना की जांच के लिए गठित की जाने वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) का नेतृत्व हाई कोर्ट के एक मौजूदा न्यायाधीश करेंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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