यौन शोषण के मामले में तिहाड़ जेल में बंद स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती (Swami Chaitanyananda Saraswati) ने पटियाला हाउस कोर्ट से दायर जमानत याचिका को वापस ले लिया हैं.
विश्लेषण के बाद अपनाएंगे आगे की कानूनी रणनीति
मामले की सुनवाई के दौरान चैतन्यानंद सरस्वती की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से कहा कि इस मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुका, जिसका विश्लेषण करने के बाद आगे की कानूनी रणनीति अपनाएंगे, लिहाजा याचिका को वापस लेने की मंजूरी दी जाए. जिसके बाद कोर्ट ने याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी.
पिछले दिनों कोर्ट ने चैतन्यानंद सरस्वती को 14 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और ब्रिटेन के एक नेता के साथ फर्जी तस्वीरे सहित कई अन्य तस्वीरों को जब्त किया है.
व्हाट्सएप ग्रुप में आपत्तिजनक कमेंट
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि उत्तराखंड के अल्मोडा में एक गेस्ट हाउस में चैतन्यानंद छात्राओं के साथ रुका था. पुलिस को चैतन्यानंद के फोन से डिजिटल सबूत भी मिले है. इनमें वह एक व्हाट्सएप ग्रुप में छात्राओं की फोटों पर आपत्तिजनक कमेंट कर रहा हैं. जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने बाबा के कमरे से पुलिस ने एक सेक्स टॉय और 5 पोर्न सीडी भी बरामद की है.
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में खुलासा किया कि चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 232 को जोड़ा गया है, जो किसी गवाह को झूठी गवाही देने के लिए धमकाने से संबंधित हैं. इसके अलावे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75 (2), धारा 79, धारा 351 (2) में तहत एफआईआर दर्ज है.
-भारत एक्सप्रेस
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