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मोहनिया से राजद उम्मीदवार श्वेता सुमन को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नही मिली है, कोर्ट ने श्वेता सुमन को चुनाव याचिका दायर करने का दिया निर्देश

मोहनिया से आरजेडी उम्मीदवार श्वेता सुमन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत नहीं मिल सकी है. कोर्ट ने उन्हें चुनाव याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया है. गलत जाति प्रमाण पत्र के आरोपों को लेकर मामला और पेचीदा हो गया है.

Supreme Court
Edited by Radha Priya

मोहनिया से राजद उम्मीदवार श्वेता सुमन को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नही मिली है. कोर्ट ने श्वेता सुमन को चुनाव याचिका दायर करने का निर्देश दिया है. सीजेआई बी आर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने यह आदेश दिया है.

मामले की सुनवाई के दौरान श्वेता सुमन की ओर से पेश वकील ने कहा कि.एक बीजेपी नेता की शिकायत पर मेरी नामांकन को रद्द कर दिया गया. पटना हाई कोर्ट ने श्वेता सुमन को राहत देने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

गलत जाति प्रमाण पत्र के आरोप पर बवाल

हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि यदि याचिकाकर्ता चाहें तो वे विधि सम्मत रूप से चुनाव याचिका दाखिल कर सकती है. श्वेता सुमन पर आरक्षित श्रेणी का लाभ लेने के लिए गलत जाति प्रमाण पत्र जमा करने का आरोप हैं.

जिसकी शिकायत बीजेपी ने विंध्याचल राय ने की थी, शिकायत में कहा गया था कि श्वेता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले का पता दर्ज कराया था, और उन्होंने बिहार के आरक्षित मोहनिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए अवैध तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाया था.

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निवास और जाति प्रमाण पत्र पर उठा विवाद

निर्वाचन अधिकारियों ने श्वेता सुमन की ओर से मुहैया कराए गए दस्तवेज़ों और पिछले नामांकन रिकॉर्ड की जांच के बाद नामांकन रद्द करने का फैसला लिया था. श्वेता सुमन ने नामांकन रद्द करने के बाद कहा कि स्क्रूटनी के दौरान सुनवाई का समय दिया गया था, लेकिन मेरा पक्ष सुनने से पहले नामांकन रद्द कर दिया गया. जिस अंचलाधिकारी ने मेरा निवास प्रमाण पत्र बनाया था, उसी ने मेरा नामांकन खारिज किया है. उन्होंने यह भी कहा कि वह 20 साल से मोहनिया में रह रही हैं, उसके बावजूद निवास प्रमाण पत्र की वजह से उनका नामांकन को रद्द किया गया है.

निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार किसी राज्य में आरक्षित अनुसूचित जाति सीट से चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार को उसी राज्य की अनुसूचित जाति का सदस्य होना आवश्यक है. श्वेता सुमन के पास उत्तर प्रदेश की रविदास जाति का प्रमाण-पत्र है, जो बिहार में अनुसूचित जाति सूची में शामिल नहीं है.

-भारत एक्सप्रेस



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