Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

भारत अब अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक विवादों के निष्पक्ष, प्रभावी और भरोसेमंद समाधान के केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा- सीजेआई सूर्यकांत

सीजेआई सूर्यकांत ने SIAC के वार्षिक सम्मेलन में कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक विवादों के निष्पक्ष और भरोसेमंद समाधान के केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है.

सीजेआई सूर्यकांत ने सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) के वार्षिक सम्मेलन में कहा कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक विवादों के निष्पक्ष, प्रभावी और भरोसेमंद समाधान के केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है. उन्होंने कहा कि भारत की आर्बिट्रेशन व्यवस्था में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव आया है. नए संस्थान विकसित हुए हैं, कानूनों में सुधार हुआ है और न्यायपालिका ने भी आर्बिट्रेशन को मजबूत समर्थन दिया है. अपने संबोधन में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि आर्बिट्रेशन का मूल उद्देश्य अदालतों की लंबी और जटिल प्रक्रिया का विकल्प देना था, लेकिन अब यह प्रक्रिया भी कई मामलों में अदालत जैसी होती जा रही है.

उन्होंने चिंता जताई कि लंबी सुनवाई, अत्यधिक दस्तावेजी प्रक्रिया और फैसलों में देरी से इसकी मूल भावना प्रभावित हो रही है. उन्होंने सुझाव दिया कि मौजूदा नियमों का सख्ती से पालन कर मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाना चाहिए. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बोलते हुए सीजेआई ने कहा कि यह तकनीक आर्बिट्रेशन के लिए अवसर भी है और चुनौती भी.

उन्होंने डीपफेक साक्ष्य, एआई से तैयार गवाहों के बयान और दस्तावेजों की विश्वसनीयता को लेकर चिंता जताई. साथ ही सुझाव दिया कि जहां एआई का उपयोग किया जाए, वहां उसकी जानकारी देना अनिवार्य होना चाहिए और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए साझा मानक विकसित किए जाने चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दस्तावेज प्रबंधन, अनुवाद और प्रारंभिक ड्राफ्ट तैयार करने जैसे कार्यों में एआई जिम्मेदारी से उपयोग दक्षता बढ़ा सकता है.

गोपनीयता और पारदर्शिता के बीच संतुलन जरूरी- CJI

सीजेआई सूर्यकांत ने गोपनीयता और पारदर्शिता के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि निजी व्यावसायिक विवादों में गोपनीयता उचित है, लेकिन जहां मामला सरकार, सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण या सार्वजनिक हित से जुड़ा हो, वहां सीमित पारदर्शिता अपनाई जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि समान मामलों में अलग-अलग फैसलों से अनिश्चितता पैदा होती है.

इसके लिए उन्होंने महत्वपूर्ण फैसलों को संपादित रूप में सार्वजनिक करने, संस्थागत स्तर पर मार्गदर्शन बढ़ाने और अदालतों को केवल कानून में तय सीमित आधारों पर ही आर्बिट्रेशन अवॉर्ड की समीक्षा करने की सलाह दी.

अपने संबोधन के अंत में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि भारत में गिफ्ट सिटी जैसे संस्थानों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय आर्बिट्रेशन का मजबूत ढांचा विकसित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आर्बिट्रेशन की सबसे बड़ी ताकत उसकी निष्पक्षता, पक्षकारों की स्वायत्तता और लागू किए जा सकने वाले फैसले हैं. बदलती तकनीक और नई चुनौतियों के बीच भी इन मूल सिद्धांतों को बनाए रखना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए.

ये भी पढ़ें: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक ने कहा- ‘यह लोकतंत्र की जीत, अब जवाबदेही के बाद सुधारों की बारी’

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital