Bharat Express DD Free Dish

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की याचिका पर 16 अप्रैल को होगी सुनवाई, CBI द्वारा दर्ज FIR को रद्द करने की मांग

दिल्ली हाईकोर्ट 16 अप्रैल को कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की है.

karti chidambaram case

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के पुत्र और कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की ओर से दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट 16 अप्रैल को सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान कार्ति चिदंबरम की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से सुनवाई को टालने का आग्रह किया, जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई को टाल दिया है. जस्टिस विकास महाजन की बेंच याचिका पर सुनवाई कर रही हैं. कार्ति चिदंबरम ने सीबीआई द्वारा दर्ज नई एफआईआर को रद्द करने की मांग की है.

याचिका में कहा गया है कि सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक से प्रेरित है. कार्ति चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर एक मादक पेय कंपनी डियाजिओ स्कॉटलैंड को अपनी व्हिस्की की डियूटी फ्री करवाने में राहत दिलवाई थी. सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश वकील ने कहा था कि कार्ति चिदंबरम को अभी तक बीएनएसएस कि धारा 35(3) के तहत कोई नोटिस जारी नही किया गया है.

मामले में भ्रष्टाचार का आरोप

इस मामले में अग्रिम  जमानत याचिका समय से पहले दाखिल की गई है. क्योंकि इस स्तर पर अभी उनकी गिरफ्तारी की कोई आशंका नही है. साथ ही उनके खिलाफ कोई लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) नही खोली गई है. वही कार्ति चिदंबरम की ओर से पेश वकील ने कहा था कि जब भी आवश्यक हो प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के तहत उचित आवेदन पेश करने की स्वतंत्रता के साथ आवेदन का निपटारा किया जा सकता है.

गिरफ्तारी की कोई आशंका नहीं- CBI

सीबीआई द्वारा यह एफआईआर भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420, 471 और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 8, 9 और 13 (1)(डी) के तहत दर्ज की गई है. सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि डियाजिओ स्कॉटलैंड और सिकोइया कैपिटल ने एडवांटेज स्ट्रैटिजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को संदिग्ध रूप से धन हस्तांतरित किया जो कार्ति पी चिदंबरम और उनके करीबी सहयोगी एस भास्करमन से नियंत्रित इकाई है.

भारत में आयातित शुल्क मुफ्त शराब की बिक्री पर एकाधिकार रखने वाले भारत पर्यटन विकास निगम ने भारत में डियाजियो समूह के शुल्क मुफ्त उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था. प्रतिबंध हटाने के लिए डियाजियो स्कॉटलैंड के साथ एक फर्जी अनुबंध करने के बाद परामर्श शुल्क के आड़ में उनकी कंपनी ने 15 हजार अमेरिकी डॉलर लिए यह राशि कार्ति चिदंबरम को डियूटी फ्री शराब की बिक्री के लिए डियाजियो स्कॉटलैंड पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने के लिए लोक सेवकों को प्रभावित करने के लिए दी गई थी, न कि किसी परामर्श कार्य के लिए.

ये भी पढ़ें: Bhima Koregaon Case: सुप्रीम कोर्ट ने ज्योति जगताप, सुरेंद्र गाडलिंग और महेश राउत की जमानत याचिका पर सुनवाई टाली

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read