Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

Delhi High Court के चीफ जस्टिस मनमोहन ने Supreme Court के न्यायाधीश के रूप में ली शपथ

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 नवंबर को दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मनमोहन को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाने के लिए केंद्र सरकार को सिफारिश भेजी थी.

न्यायमूर्ति मनमोहन

दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मनमोहन ने बृहस्पतिवार (5 दिसंबर) को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ले ली. सीजेआई संजीव खन्ना ने जस्टिस मनमोहन को शपथ दिलाई है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 हो गई है. सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सहित जजों की स्वीकृत संख्या 34 है.

SC कॉलेजियम ने भेजी थी सिफारिश

जस्टिस मनमोहन दिल्ली हाईकोर्ट में सबसे वरिष्ठ होने के अलावा हाई कोर्ट के न्यायधीशों की संयुक्त अखिल भारतीय वरिष्ठता में दूसरे नंबर पर थे. केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “भारत के संविधान द्वारा दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए और राष्ट्रपति व देश के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श के बाद, दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनमोहन को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया है.”

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 नवंबर को दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मनमोहन को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाने के लिए केंद्र सरकार को सिफारिश भेजी थी. सीजेआई संजीव खन्ना की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने हाल ही में बैठक कर मनमोहन के नाम की सिफारिश किया था.

राजनेता जगमोहन के पुत्र

जस्टिस मनमोहन को दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस के तौर पर 13 मार्च 2008 को नियुक्त किया गया था. 29 सितंबर 2024 को वह दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य कर रहे है. इससे पहले उन्हें 9 नवंबर 2023 को दिल्ली हाई कोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. 61 साल के न्यायमूर्ति मनमोहन राजनेता जगमोहन के पुत्र है. जगमोहन जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल के अलावा दिल्ली के उपराज्यपाल भी रहे है. 3 मई 2021 को जगमोहन की मौत हो गई थी.

शिक्षा और पेशेवर करियर

न्यायमूर्ति मनमोहन का जन्म 17 दिसंबर 1962 को दिल्ली में हुआ था. इन्होंने दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से पढ़ाई की. दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से हिस्ट्री में बीए ऑनर्स किया. 1987 में दिल्ली विश्वविद्यालय की लॉ फैकल्टी से एलएलबी की डिग्री हासिल की और उसी साल वह अधिवक्ता बन गए. वकालत के दौरान, उन्होंने मुख्य रूप से सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट में सिविल, आपराधिक, संवैधानिक, टैक्स और ट्रेडमार्क में प्रैक्टिस की. 18 जनवरी 2003 को दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें सीनियर एडवोकेट के रूप में नियुक्त किया.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital

Latest