आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक प्रकाश जरवाल ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. प्रकाश जरवाल ने अपनी दोषसिद्धि को चुनौती दी है.
कोर्ट 25 सितंबर को याचिका पर सुनवाई करेगा. कोर्ट ने प्रकाश जरवाल की याचिका को उसी मामले में एक अन्य दोषी की याचिका पर सुनवाई कर रही पीठ के पास सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है.
दिल्ली पुलिस में पूरक चार्जशीट दाखिल
बतादें कि राउज एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जारवाल और कपिल नागर को भारतीय दंड संहिता की धारा 306, 34, 120 बी, 386, 506 और 511 के तहत दोषी करार दिया था. कोर्ट ने तीसरे आरोपी हरीश कुमार जारवाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत दोषी करार दिया था.
इस मामले में कोर्ट ने हरीश जारवाल को धारा 306 और 386 के आरोपों से मुक्त कर दिया जबकि धारा 506 का आरोप तय करने का आदेश दिया था. 28 अगस्त 2021 को दिल्ली पुलिस ने प्रकाश जारवाल समेत तीन आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल किया था.
इस मामले में प्रकाश जारवाल के अलावा कपिल नागर और हरीश कुमार जारवाल को आरोपी बनाया गया था. डॉक्टर राजेन्द्र भाटी ने 18 अप्रैल 2020 को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की थी. प्रकाश जारवाल पर खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया था. जिसके बाद कोर्ट ने इस मामले में उसे दोषी करार दिया था.
सुसाइड नोट में AAP विधायक का नाम
कोर्ट ने डॉक्टर की खुदकुशी के मामले में साल 2021 के नवंबर महीने में आम आदमी पार्टी के विधायक के खिलाफ आरोप तय किये थे. पुलिस को मृतक डॉक्टर राजेन्द्र भाटी का एक सुसाइड नोट मिला था. इस सुसाइड नोट में आम आदमी पार्टी के देवली विधायक प्रकाश जारवाल का नाम था. मृतक डॉक्टर ने अपने सुसाइड नोट में आम आदमी पार्टी के नेता प्रकाश जारवाल और उनके सहयोगी पर लगातार धमकी देने का आरोप लगाया था.
पुलिस ने इस मामले में आप नेता और उनके कुछ सहयोगियों के खिलाफ जबरन वसूली और खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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