मशहूर संगीतकार एआर रहमान और फिल्म निर्माता कंपनी मद्रास टॉकीज को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. जस्टिस सी हरिशंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने सिंगल बेंच के फैसले को रद्द कर दिया है.
डागर बंधुओं को उचित सम्मान देने का आदेश
कोर्ट ने कहा कि एक कलाकार का किसी रचना को गाना या प्रस्तुत करना यह साबित नहीं करता कि वही उसका रचयिता भी है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि हम मान ले कि जिसने रचना को प्रस्तुत किया वही उसका संगीतकार है, तो हमें कॉपीराइट अधिनियम में संगीतकार की परिभाषा ही बदलनी होगी. कोर्ट बाद में विस्तृत फैसला सुनाएगा.
दिल्ली हाई कोर्ट के सिंगल बेंच ने रहमान और मद्रास टॉकीज को गाने के क्रेडिट में सुधार करने और डागर बंधुओं को उचित सम्मान देने का आदेश दिया था. साथ ही सिंगल बेंच ने 2 करोड़ रुपए कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करने और डागर परिवार को 2 लाख रुपए का हर्जाना देने का निर्देश दिया था. आरोप है कि यह गाना मशहूर शास्त्रीय गायक उस्ताद फैयाजुद्दीन वसीफुद्दीन डागर के पिता और चाचा द्वारा रचित शिवा स्तुति की नकल है.
हर प्लेटफार्म पर गाने के क्रेडिट को करें सही
जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने रहमान और मद्रास टॉकीज को गाने के क्रेडिट में सुधार करने और डागर बंधुओं को उचित सम्मान देने का आदेश दिया था. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि संगीत की रचना, लय और ताल मूल गीत से काफी मिलते हुए हैं. इसलिए ये कॉपीराइट उल्लंघन के दायरे में आता है.
कोर्ट ने यह भी कहा था कि वीरा राजा वीरा गाना यूट्यूब और ओटीटी समेत जहां-जहां मौजूद है, उन सभी प्लेटफार्म से गाने के क्रेडिट को सही किया जाए. इसके अलावा ऑनलाइन प्लेटफार्म पर एक नई स्लाइड बनाई जाए जिसमें दिवंगत उस्ताद एन फैयाजुद्दीन डागर और दिवंगत उस्ताद जहीरुद्दीन डागर द्वारा शिव स्तुति पर आधारित रचना लिखा जाए.
गाना शिवा स्तुति से कॉपी
पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित उस्ताद फैयाजुद्दीन वसीफुद्दीन डागर ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि वीरा राजा वीरा गाने की धुन उनके पिता उस्ताद नासिर फैयाजुद्दीन डागर और चाचा द्वारा उस्ताद नासिर जाहिरूद्दीनडागर द्वारा रचित शिवा स्तुति से कॉपी की गई है.
डागर ने दावा किया कि भले ही गाने के बोल अलग है, लेकिन इसका संगीतमय ढांचा, लय और बीट्स शिवा स्तुति से पूरी तरह मिलते-जुलते है. हालांकि एआर रहमान ने आरोपों से इनकार कर दिया है. एआर रहमान ने कहा कि शिव स्तुति ध्रुपद शैदी के अंदर के ट्रेडिशनल कम्पोजीशन है, जो पब्लिक डोमेन का हिस्सा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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