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शाहरुख खान-गौरी खान की कंपनी रेड चिलीज और नेटफ्लिक्स पर मानहानि मामला, 10 नवंबर को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट शाहरुख खान, उनकी पत्नी गौरी खान की कंपनी रेड चिलीज इंटरटेनमेंट और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के खिलाफ दायर मानहानि मामले में 10 नवंबर को सुनवाई करेगा.

Edited by Vaibhav Gupta

दिल्ली हाईकोर्ट शाहरुख खान, उनकी पत्नी गौरी खान की कंपनी रेड चिलीज इंटरटेनमेंट और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के खिलाफ दायर मानहानि मामले में 10 नवंबर को सुनवाई करेगा. जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार ने सभी पक्षों को अपने लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. इससे पहले कोर्ट ने शाहरुख खान, उनकी पत्नी गौरी खान की कंपनी रेड चिलीज इंटरटेनमेंट और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स को समन जारी कर जवाब मांगा था.

याचिका की गंभीरता पर उठे सवाल

पिछली सुनवाई के दौरान वानखेड़े की ओर से पेश वरिष्ठ वकील संदीप सेठी ने कोर्ट को बताया था कि सीरीज में सोशल मीडिया पर उनके, उनकी पत्नी और बहन के खिलाफ ट्रोलिंग की जा रही है. उन्होंने कहा था कि यह पोस्ट मानहानिकारक हैं. कोर्ट ने कहा था कि तय प्रकिया का पालन होना चाहिए. पिछली सुनवाई में संशोधन का हवाला देकर कोर्ट से याचिका को वापस ले लिया था. पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने “बैड्स ऑफ बॉलीवुड” पर वानखेड़े की याचिका की गंभीरता पर सवाल उठाए था.

दायर मानहानि याचिका में 2 करोड़ रुपए की हर्जाने की मांग की गई थी. वानखेड़े के मुताबिक हर्जाने के राशि को टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल को कैंसर मरीजों के ईलाज के लिए दान करना चाहते है. दायर मानहानि याचिका में शाहरुख खान और गौरी खान की स्वामित्व वाली कंपनी रेड चिलीज इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, नेटफ्लिक्स सहित अन्य को पक्षकार बनाया गया है.

झूठे, दुर्भावनापूर्ण व मानहानिकारक आरोप

वानखेड़े ने दायर मानहानि याचिका में आरोप लगाया है कि नेटफ्लिक्स पर प्रसारित वेब सीरीज Bads of Bollywood में उनके खिलाफ झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक आरोप लगाए गए हैं. उनका कहना है कि इस सीरीज के जरिए ड्रग्स से जुड़ी जांच एजेंसियों को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है. जिससे आम आदमी का भरोसा कानून व्यवस्था से और जांच एजेंसियों पर से उठ सकता है.

उन्होंने यह भी कहा है कि यह सीरीज खास तौर पर उनकी छवि धूमिल करने के लिए बनाई गई है. जबकि आर्यन खान के कही खिलाफ ड्रग्स केस से संबंधित मामला बॉम्बे हाईकोर्ट और निचली अदालत में लंबित है.

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-भारत एक्सप्रेस



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