प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी कथित डीपफेक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट और प्रसारित किए जाने के बाद धमकियां मिलने का आरोप लगाने वाली महिला को दिल्ली हाई कोर्ट ने सुरक्षा देने का निर्देश दिया है. जस्टिस गिरीश कठपालिया ने दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह निर्देश दिया है. साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी नेताओं सौरभ दास, अभिजीत दीपक के, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह को नोटिस जारी कर 2 सप्ताह में जवाब मांगा है.
इसके अलावा कोर्ट ने मेटा को निर्देश दिया है कि ऐसी तस्वीरों को 24 घंटे के भीतर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने को कहा है. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक महिला का मामला नही, बल्कि देश के प्रधानमंत्री से जुड़ा मामला है. दिल्ली पुलिस को भी इस मामले में संवेदनशील होकर काम करने के लिए कहा गया है.
दिल्ली पुलिस को एक सप्ताह में एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश
इसके अलावा कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह दर्ज एफआईआर पर की गई कार्रवाई के बारे में एक सप्ताह में एक्शन टेकनरिपोर्ट दाखिल करें और याचिकाकर्ता को दी गई सुरक्षा के बारे में दो हफ्ते के भीतर कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करें. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि वर्तमान में आरोप लगाने वाली महिला ने अपना पता नही बताया है, यह उसके लिए सही निर्णय है.
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोप लगाया था कि सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के साथ उसकी फोटो को आपत्तिजनक तरीके से मॉर्फ करके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया था, तभी से उसको भी लगातार धमकियां मिल रही है.
बता दें कि दायर याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को लेकर मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच के समक्ष मेंशनिंग की गई. जिसपर कोर्ट ने जल्द सुनवाई का भरोसा दिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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