वकील के दफ्तर की तलाशी और एडवोकेट क्लाइंट प्रिविलेज से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जीएसटी अधिकारियों को बड़ा आदेश दिया है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने जीएसटी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 28 सितंबर तक वकील पुनीत बत्रा के खिलाफ कोई कार्रवाई न करें.
साथ ही कोर्ट ने बत्रा के ऑफिस से जब्त किए गए डेटा की जांच पड़ताल पर भी रोक लगा दिया है. पुनीत बत्रा ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें हाई कोर्ट ने जीएसटी विभाग द्वारा उनके लॉ ऑफिस में की गई तलाशी और जब्ती को बरकरार रखा था.
पिछली सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील हरिहरन ने दलील दी कि जब्त किए गए कंप्यूटर और अन्य डिवाइस में दूसरे क्लाइंट्स से जुड़ी गोपनीय और विशेषाधिकार प्राप्त जानकारी भी मौजूद है. उन्होंने आशंका जताई कि हाई कोर्ट द्वारा बत्रा की याचिका खारिज किए जाने के बाद अब इस डेटा तक पहुच बनाई जा सकती है. सिंह ने कहा कंप्यूटर जब्त किए गए हैं. सामग्री तक पहुच बनाई जाएगी.
गोपनीयता के विशेषाधिकार का उल्लंघन होगा. बता दें कि पुनीत बत्रा ने दिल्ली स्थित अपनी लॉ फर्म Bass Legal LLP के परिसर में जीएसटी विभाग द्वारा की गई तलाशी को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. अधिकारियों ने तलाशी के दौरान केबिन से सीपीयू और अन्य दस्तावेज जब्त किए थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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